अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर मंगलवार (25 नवंबर 2025) को हुए ध्वजारोहण से पाकिस्तान में बेचैनी का माहौल देखा गया। भारत के इस आंतरिक धार्मिक आयोजन पर पड़ोसी देश ने अनावश्यक प्रतिक्रिया दी है और बेवजह हस्तक्षेप करते हुए चिंता व्यक्त की है।
पाकिस्तान ने एक आधिकारिक बयान जारी कर राम मंदिर निर्माण की आलोचना की है। उसने इसे बाबरी मस्जिद स्थल पर बना ‘तथाकथित मंदिर’ बताया और अपने बयान में 1992 की घटना का उल्लेख करते हुए भारत की न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत में अल्पसंख्यकों के प्रति भेदभाव बढ़ रहा है और ‘हिंदुत्व विचारधारा’ के प्रभाव में मुस्लिम विरासत को निशाना बनाया जा रहा है।
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Pakistan calls international attention to rising Islamophobia and heritage desecration in India
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— Ministry of Foreign Affairs – Pakistan (@ForeignOfficePk) November 25, 2025
इसके साथ ही पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भारत में ‘बढ़ते इस्लामोफोबिया’ पर ध्यान देने की अपील की। उसने भारत सरकार से यह भी माँग की कि अल्पसंख्यकों के धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
भारत ने समय-समय पर पाकिस्तान के ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भारत का स्पष्ट रुख रहा है कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय अपने घरेलू मसलों और वहाँ की अल्पसंख्यक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।
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