भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत 2,500 किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए हैं। यह समुद्री अपराधों पर लगाम लगाने और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना द्वारा किए गए सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक है।
ऑपरेशन कैसे अंजाम दिया गया?
🔹 INS तरकश जनवरी 2025 से पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा मिशन पर तैनात है।
🔹 31 मार्च 2025 को नौसेना के P8I गश्ती विमान ने समुद्र में कुछ संदिग्ध जहाजों की पहचान की।
🔹 यह शक था कि ये जहाज नशे की तस्करी में शामिल हो सकते हैं।
🔹 INS तरकश ने तुरंत अपना रास्ता बदला और संदिग्ध जहाजों की ओर बढ़ा।
🔹 हेलीकॉप्टर की मदद से जहाजों की गतिविधि की निगरानी की गई।
🔹 कई जहाजों से पूछताछ के बाद एक संदिग्ध जहाज को रोका गया।
🔹 मरीन कमांडोज़ और विशेष बोर्डिंग टीम ने जहाज की तलाशी ली।
क्या बरामद हुआ?
✅ 2,386 किलोग्राम हशीश
✅ 121 किलोग्राम हेरोइन
✅ कुल जब्त नशे का वजन: 2,500+ किलोग्राम
भारतीय नौसेना के अनुसार, जब्त किए गए मादक पदार्थों का मूल्य हजारों करोड़ रुपये हो सकता है।
INS तरकश की रणनीतिक तैनाती
🔹 INS तरकश, संयुक्त टास्क फोर्स (CTF) 150 का सक्रिय रूप से समर्थन कर रहा है।
🔹 यह संयुक्त समुद्री बल (CMF) का हिस्सा है, जिसका मुख्यालय बहरीन में स्थित है।
🔹 यह ऑपरेशन भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
निष्कर्ष
🔸 INS तरकश ने समुद्री अपराधों और नशे की तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है।
🔸 भारतीय नौसेना ने अपनी सतर्कता और उच्च तकनीकी क्षमताओं का प्रदर्शन किया।
🔸 यह ऑपरेशन समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण कदम है।
🔸 P8I गश्ती विमान, हेलीकॉप्टर, और विशेष बोर्डिंग टीम के तालमेल से यह ऑपरेशन सफल रहा।
यह भारतीय नौसेना के प्रभावशाली अभियानों में से एक है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति को दर्शाता है।