आज यानी 11 अक्टूबर को भारत स्वतंत्रता संग्राम और आपातकाल के दौर के महान नेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण (जेपी) को उनकी जयंती पर नमन कर रहा है। 1902 में जन्मे जयप्रकाश नारायण न केवल स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी थे, बल्कि वे 1970 के दशक में इंदिरा गांधी के निरंकुश शासन के खिलाफ जनआंदोलन के प्रणेता के रूप में भी जाने जाते हैं। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर जेपी की कुछ पुरानी आर्काइव तस्वीरें साझा कीं। इन तस्वीरों में आपातकाल के दौरान लिखी गई उनकी ‘जेल डायरी’ के कुछ पन्ने भी शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा,
“आपातकाल के दौरान, लोकनायक जेपी ने कई दिन अकेले जेल में बिताए। उनकी जेल डायरी में उनकी पीड़ा और लोकतंत्र में अटूट विश्वास साफ दिखाई देता है।”
On Loknayak JP’s birth anniversary, a rare glimpse from the archives…
Here are pages from his book, Prison Diary, written during the Emergency.
During the Emergency, Loknayak JP spent several days in solitary confinement. His Prison Diary captures his anguish and unbroken… pic.twitter.com/Yhe8LhykFD
— Narendra Modi (@narendramodi) October 11, 2025
‘संपूर्ण क्रांति’ के प्रणेता
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा कि,
“लोकनायक जेपी ने अपना जीवन आम नागरिकों को सशक्त बनाने और संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने के लिए समर्पित कर दिया। संपूर्ण क्रांति के उनके आह्वान ने एक ऐसे सामाजिक आंदोलन को जन्म दिया, जिसने समानता, नैतिकता और सुशासन पर आधारित राष्ट्र की परिकल्पना की।”
जेपी के नेतृत्व में चले ‘संपूर्ण क्रांति’ आंदोलन ने उस दौर में पूरे भारत में सामाजिक और राजनीतिक चेतना को नई दिशा दी। विशेष रूप से बिहार और गुजरात में शुरू हुए इन आंदोलनों ने जनता को सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट किया और इंदिरा गांधी की कांग्रेस सरकार को हिला कर रख दिया।
लोकतांत्रिक मूल्यों के अग्रदूत लोकनायक जयप्रकाश नारायण जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन करता हूँ।
जयप्रकाश नारायण जी ने समानता, सामाजिक सद्भाव और न्याय को सर्वोपरि रखते हुए देश की लोकतांत्रिक संरचना को सुदृढ़ किया। आपातकाल के दौरान उन्होंने संघर्षों और यातनाओं के बावजूद… pic.twitter.com/uR0vkGDxzM
— Amit Shah (@AmitShah) October 11, 2025
लोकतंत्र के प्रहरी
जयप्रकाश नारायण ने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा और नागरिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया। उनकी विचारधारा और त्याग ने आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाया कि लोकतंत्र केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है।