BJP फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने रिपोर्ट सौंपी, TMC विधायक पर आरोप, FIR से छेड़छाड़ का दावा
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कसबा क्षेत्र स्थित साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में 25 जून 2025 को एक छात्रा के साथ कथित गैंगरेप मामले में बीजेपी की चार सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें FIR से छेड़छाड़, आरोपित को TMC विधायक द्वारा बचाया जाना, और पुलिस की निष्क्रियता शामिल हैं। रिपोर्ट में केंद्र सरकार से इस मामले की जाँच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराने की सिफारिश की गई है।
The victim had submitted a handwritten complaint herself, which was later tampered with.
The name of the main accused, Manojit Mishra, whose name begins with ‘M’, was replaced with different initials.
This manipulation is evident on the face of the record.
When we raised this… pic.twitter.com/ONbTFEIcVN
— BJP (@BJP4India) July 8, 2025
टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्य पाल सिंह, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा और लोकसभा सांसद बिप्लव कुमार देब शामिल थे। इन्होंने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है और पुलिस प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है।
BJP ने क्या आरोप लगाए हैं?
- FIR से छेड़छाड़: रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित छात्रा की हाथ से लिखी शिकायत में मूल आरोपितों के नाम मिटा दिए गए, और उनकी जगह केवल अक्षरों (J, G, S, M) का उपयोग किया गया है। यह न्यायिक प्रक्रिया के साथ सीधा खिलवाड़ है।
- TMC का संरक्षण: BJP का आरोप है कि कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल और TMC विधायक अशोक देब कथित रेपिस्ट मोनोजित मिश्रा को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
- पुलिस की संदिग्ध भूमिका: रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस पीड़िता के परिवार को छिपा रही है, और चौथे आरोपित, जो कि कॉलेज का सुरक्षा गार्ड है, उससे किसी को मिलने नहीं दिया जा रहा।
- महिला सुरक्षा पर सवाल: बीजेपी नेताओं ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध और पुलिस की निष्क्रियता पर गहरी चिंता जताई है।
कोर्ट में क्या हुआ?
कलकत्ता हाई कोर्ट ने इस मामले में दाखिल तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि कॉलेज की गवर्निंग बॉडी को इस गंभीर प्रकरण में अब तक शामिल क्यों नहीं किया गया।
Received the report by the BJP Fact Finding Team constituted to inquire into the heinous crime committed against a law student in Kolkata.
This report exposes the utter state of lawlessness in West Bengal and the state government's alarming insensitivity towards women's safety.… pic.twitter.com/KkFJhhL9uA
— Jagat Prakash Nadda (@JPNadda) July 8, 2025
घटना का विवरण
- 25 जून को कॉलेज की एक छात्रा के साथ कथित गैंगरेप की खबर सामने आई।
- 30 जून को कोलकाता पुलिस ने दावा किया कि तीन मुख्य आरोपितों को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
- 4 जुलाई को पुलिस ने आरोपितों को कॉलेज ले जाकर क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन भी किया।
जेपी नड्डा का बयान
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद कहा कि यह मामला केवल एक छात्रा के साथ हुए अत्याचार का नहीं, बल्कि पूरे राज्य में महिला सुरक्षा के प्रति ममता सरकार की संवेदनहीनता और प्रशासनिक भ्रष्टाचार का प्रतीक है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में निष्पक्षता तभी संभव है जब जांच किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाए।
यह मामला केवल एक गैंगरेप केस नहीं रह गया है, बल्कि यह बंगाल की राजनीति, प्रशासनिक जवाबदेही और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर राष्ट्रीय मुद्दा बनता जा रहा है।