चंद्रयान-5 मिशन को केंद्र की मंजूरी, इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने की घोषणा
भारत के चंद्र अभियान को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के अध्यक्ष वी. नारायणन ने रविवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार ने हाल ही में महत्वाकांक्षी ‘चंद्रयान-5 मिशन’ को मंजूरी दे दी है।
चंद्रयान-5 मिशन: क्या होगा खास?
🔹 बड़ा रोवर: इस मिशन के तहत चंद्रमा की सतह का अध्ययन करने के लिए 250 किलोग्राम का रोवर भेजा जाएगा, जबकि चंद्रयान-3 में 25 किलोग्राम का ‘प्रज्ञान’ रोवर गया था।
🔹 जापान के सहयोग से मिशन: यह मिशन जापान के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
🔹 नई वैज्ञानिक खोजों पर फोकस: इस बार चंद्रमा की सतह की अधिक गहराई से जांच की जाएगी।
Tamil Nadu: ISRO Chairman V Narayanan announced that the rocket to bring back Indian-American astronaut Sunita Williams from space has been launched, ensuring her safe return.
He also stated that India and Japan have received approval to jointly launch the Chandrayaan-5 mission… pic.twitter.com/IbQNLdY8Fb
— IANS (@ians_india) March 15, 2025
चंद्रयान-3 की सफलता और अगले मिशन
✅ चंद्रयान-3 (2023):
23 अगस्त 2023 को इसरो ने चंद्रयान-3 के जरिए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कर भारत को दुनिया का पहला देश बना दिया था जिसने यह उपलब्धि हासिल की।
✅ चंद्रयान-4 (संभावित 2027):
इस मिशन का उद्देश्य चंद्रमा से मिट्टी और चट्टानों के नमूने लाकर उनका अध्ययन करना होगा।
आगे की राह:
इसरो अब चंद्रयान-4 और 5 को लेकर तेज़ी से काम कर रहा है। जापान के साथ सहयोग से भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम और मजबूत होगा।
भारत अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में लगातार नई ऊंचाइयां छू रहा है। चंद्रयान-5 मिशन से भारत की चंद्रमा अनुसंधान क्षमता को और मजबूती मिलेगी। क्या आप इस मिशन से जुड़ी कोई और जानकारी चाहते हैं?