उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों और उससे जुड़े विवाद पर पहली बार विस्तार से प्रतिक्रिया दी है। अयोध्या दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की मांग पर राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है और यह जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले का सच जनता के सामने होगा।
अयोध्या के रुदौली क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल राम मंदिर और अयोध्या को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास चंदा चोरी अथवा वित्तीय अनियमितता से जुड़ा कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण है, तो उसे मीडिया या सोशल मीडिया पर प्रचारित करने के बजाय सीधे SIT को सौंपना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी प्रकार की मनगढ़ंत बयानबाजी और चरित्र हनन से बचना चाहिए।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर को अपमानित करने वाले लोगों के बहकावे में कतई न आएं…
SIT जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी…
अगर कोई अपराधी है, वह बचेगा नहीं, यह सुनिश्चित है… pic.twitter.com/8YsbHVBKUv
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 19, 2026
CM योगी ने भरोसा जताया कि SIT जांच में जल्द ही “दूध का दूध और पानी का पानी” हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी दोषी को बचाने के पक्ष में नहीं है और यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून सबके लिए समान है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग आज राम मंदिर और अयोध्या के नाम पर राजनीति कर रहे हैं, उनका इतिहास जनता अच्छी तरह जानती है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतीत में रामभक्तों और कारसेवकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने वाले लोग आज धार्मिक आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष और बलिदान के बाद राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ है, इसलिए इसे राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में नहीं घसीटना चाहिए।
राम भक्तों, कारसेवकों पर गोली चलाने और जय श्री राम बोलने पर लाठी भांजने वाले लोग आज उपदेश देने चले हैं… pic.twitter.com/2yrd4H60Dt
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 19, 2026
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष के ही कुछ नेताओं ने सभी विधायकों को अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने का सुझाव दिया था, तब उन्हें रोक दिया गया था। योगी ने दावा किया कि कुछ राजनीतिक दलों की प्राथमिकताएं राम मंदिर और सांस्कृतिक विरासत से अलग रही हैं।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि सरकार ने वीरांगना अवंतीबाई लोधी, वीरांगना झलकारी बाई और उदा देवी के सम्मान में प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) की तीन नई महिला बटालियन गठित करने का निर्णय लिया है। इन बटालियनों में केवल महिला अभ्यर्थियों की भर्ती की जाएगी।
रुदौली में वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक परिवर्तन में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों का सम्मान नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि सरकार राष्ट्रनायकों की विरासत को संरक्षित करने और महिलाओं को सुरक्षा तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच मुख्यमंत्री का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सभी की नजर SIT जांच की रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे इस पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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