मध्य प्रदेश के जबलपुर में कांग्रेस नेत्री रेखा विनोद जैन ने भगवान परशुराम की तुलना मुगल शासक औरंगजेब से कर दी, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया।
रेखा विनोद जैन का बयान
- उन्होंने कथाकार मणिका मोहिनी का हवाला देते हुए कहा कि “औरंगजेब ने अपने भाई का सिर काटकर पिता को भेंट किया, वहीं परशुराम ने अपनी माँ का सिर काटकर पिता को दिया।”
- इसके आगे उन्होंने लिखा, “मेरी समझ से दोनों विवेकहीन, वहशी दरिंदे हैं, लेकिन हिंदुत्व की बीमारी ज्यादा खतरनाक है।”
- उन्होंने परशुराम को “ब्राह्मणों और हिंदुओं का अगुआ” बताते हुए हिंदुत्व पर भी निशाना साधा।
विवाद और विरोध
- इस बयान के बाद ब्राह्मण संगठनों और हिंदूवादी संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया।
- कांग्रेस पार्टी ने रेखा विनोद जैन को नोटिस जारी कर 48 घंटे में माफी माँगने के लिए कहा।
- दबाव बढ़ने के बाद रेखा ने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी और मीडिया के सामने माफी माँगी।
- उन्होंने कहा कि “यह गलती से शेयर हो गया था।”
राजनीतिक निहितार्थ
- यह बयान ऐसे समय आया जब मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार ब्राह्मण समुदाय को साधने की कोशिश कर रही है।
- भगवान परशुराम को ब्राह्मणों का प्रतीक माना जाता है, ऐसे में इस बयान से कांग्रेस को राजनीतिक नुकसान हो सकता है।
- भाजपा इस मुद्दे को कांग्रेस की हिंदू विरोधी छवि से जोड़ सकती है।
यह विवाद कांग्रेस के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, खासकर हिंदू और ब्राह्मण समुदाय के बीच। भाजपा इस मुद्दे को चुनावी मोर्चे पर कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल कर सकती है।