रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार, 21 मार्च को 54,000 करोड़ रुपये से अधिक के सैन्य आधुनिकीकरण प्रस्तावों को प्रारंभिक मंजूरी (Acceptance of Necessity – AoN) प्रदान की। इन प्रस्तावों में भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों और सैन्य उपकरणों की खरीद शामिल है।
🔹 भारतीय सेना के लिए आधुनिकीकरण योजनाएं
टी-90 टैंकों के लिए अपग्रेडेड इंजन
🔸 भारतीय सेना के टी-90 टैंकों के वर्तमान 1,000 एचपी (SP) इंजन को 1,350 एचपी इंजन से अपग्रेड करने की मंजूरी।
🔸 इससे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में टैंकों की युद्धक्षेत्र गतिशीलता में सुधार होगा।
🔸 यह लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में ऑपरेशन की क्षमता को बढ़ाएगा।
🔹 भारतीय नौसेना के लिए आधुनिकीकरण योजनाएं
वरुणास्त्र टॉरपीडो की खरीद
🔸 वरुणास्त्र टॉरपीडो, जो कि स्वदेशी रूप से विकसित पनडुब्बी रोधी हथियार है, की अतिरिक्त मात्रा की खरीद को मंजूरी।
🔸 इसे नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला (NSTL) द्वारा विकसित किया गया है।
🔸 यह पनडुब्बी खतरों के खिलाफ भारतीय नौसेना की क्षमता को बढ़ाएगा।
🚀 नौसेना के लिए विमान भेदी मिसाइलें
🔸 नौसेना को उन्नत विमान भेदी मिसाइलें भी प्राप्त होंगी, जो भारतीय युद्धपोतों की रक्षा प्रणाली को मजबूत करेंगी।
🔹 भारतीय वायुसेना के लिए आधुनिकीकरण योजनाएं
‘नेत्र’ AEW&C विमानों की खरीद
🔸 भारतीय वायुसेना के लिए छह ‘नेत्र’ एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) विमान की खरीद को मंजूरी।
🔸 यह विमान युद्ध के पूरे स्पेक्ट्रम में वायुसेना की चेतावनी और नियंत्रण क्षमता को बढ़ाएंगे।
🔸 इनकी मदद से वायुसेना को दुश्मन के विमानों और मिसाइलों का पूर्वानुमान लगाकर त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता मिलेगी।
🔹 ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीद
🔸 रक्षा मंत्रालय ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की नई खेप की खरीद को भी हरी झंडी दी।
🔸 यह भारतीय नौसेना और वायुसेना की सटीकता और आक्रमण क्षमता को बढ़ाएगा।
🔹 रक्षा खरीद प्रक्रिया में सुधार
रक्षा मंत्रालय ने 2025 को “सुधारों का वर्ष” घोषित किया है और:
✔ पूंजी अधिग्रहण प्रक्रिया की समयसीमा को कम करने के लिए दिशानिर्देशों को मंजूरी दी।
✔ इससे हथियारों और उपकरणों की खरीद अधिक तेज, प्रभावी और कुशल तरीके से होगी।
निष्कर्ष:
🔹 यह निर्णय भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की शक्ति और युद्ध क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
🔹 स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर जोर देकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम।
🔹 टी-90 टैंकों के इंजन अपग्रेड, ब्रह्मोस मिसाइल, वरुणास्त्र टॉरपीडो और ‘नेत्र’ AEW&C विमान से भारत की सैन्य शक्ति में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।