रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शुक्रवार, 16 मई 2025 को गुजरात के भुज एयरबेस का दौरा किया। यह दौरा रणनीतिक और मनोबल बढ़ाने की दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर उस पृष्ठभूमि में जब पिछले सप्ताह पाकिस्तानी सेना ने भुज एयरबेस को निशाना बनाने की कोशिश की थी और भारतीय वायुसेना ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत जवाबी कार्रवाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की थी।
भुज एयरबेस दौरे की मुख्य बातें:
- राजनाथ सिंह ने वायुसेना के जवानों (वायु योद्धाओं) से मुलाकात की और उनके साहस व वीरता को नमन किया।
- वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे।
- रक्षा मंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा:
“आपके पराक्रम और राष्ट्र के प्रति आपकी निष्ठा पर पूरे देश को गर्व है। पाकिस्तान की किसी भी हरकत का जवाब देने में हमारी वायुसेना पूरी तरह सक्षम है और ऑपरेशन सिंदूर इसका जीवंत प्रमाण है।”
ऑपरेशन सिंदूर: क्या है यह?
- यह एक सीमावर्ती जवाबी सैन्य अभियान था जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तानी आतंकियों और लॉन्च पैड्स को सटीकता से निशाना बनाया।
- इसका मकसद आतंकी घुसपैठ और भारत विरोधी गतिविधियों को जड़ से खत्म करना था।
- इस ऑपरेशन ने पाकिस्तानी रक्षा प्रतिष्ठानों में खलबली मचा दी और भारत की सैन्य रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
राजनाथ सिंह का X (पूर्व ट्विटर) पर संदेश:
“नई दिल्ली से भुज (गुजरात) के लिए रवाना हो रहा हूं। भुज वायुसेना स्टेशन पर हमारे साहसी वायु योद्धाओं के साथ बातचीत करने के लिए उत्सुक हूं। इसके अलावा, मैं स्मृतिवन भी जाऊंगा — एक स्मारक और संग्रहालय जिसकी परिकल्पना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2001 के भूकंप में अपनी जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि के रूप में की थी।”
Leaving New Delhi for Bhuj (Gujarat). Looking forward to interact with our courageous Air Warriors at Bhuj Air Force Station.
Also, I shall be visiting Smritivan – a memorial and museum envisioned by PM Shri @narendramodi as a tribute to those who lost their lives in the 2001…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) May 16, 2025
पाकिस्तान को सख्त चेतावनी:
- 15 मई को श्रीनगर में सेना के जवानों को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को सीधे शब्दों में चेताया:
“पाकिस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत की धरती पर आतंक को बढ़ावा देने की कीमत उसे बहुत भारी पड़ेगी। अगर वह वाकई में अपने ज़ख्मों का इलाज चाहता है, तो उसे आतंकियों की पनाहगाह बनने की नीति छोड़नी होगी।”
स्मृतिवन दौरा:
- भुज में 2001 के विनाशकारी भूकंप के बाद बने “स्मृतिवन” स्मारक और संग्रहालय का भी दौरा किया।
- यह स्थल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना का हिस्सा है, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे।
- स्मृतिवन उन हजारों लोगों को श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने उस आपदा में जान गंवाई थी।