यह बैठक भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के बीच हुई इस चर्चा में सैन्य सहयोग, रक्षा तकनीक और रणनीतिक साझेदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
Happy to have met the US Director of National Intelligence Ms @TulsiGabbard in New Delhi. We discussed a wide range of issues which include defence and information sharing, aiming to further deepen the India-US partnership. pic.twitter.com/DTUgJIgeCN
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) March 17, 2025
बैठक के मुख्य बिंदु:
🔹 भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग: दोनों देशों के बीच नीतिगत सुरक्षा और रक्षा साझेदारी की बढ़ती ताकत की पुष्टि हुई।
🔹 सैन्य अभ्यास और आपसी सहयोग: संयुक्त सैन्य अभ्यास और रक्षा आपूर्ति श्रृंखला के एकीकरण की समीक्षा की गई।
🔹 समुद्री सुरक्षा: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा सुरक्षा रणनीति और सूचना साझाकरण पर विशेष जोर दिया गया।
🔹 रक्षा टेक्नोलॉजी और नवाचार: विशिष्ट और अत्याधुनिक रक्षा तकनीक में सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई।
🔹 रणनीतिक लचीलापन: रक्षा टेक्नोलॉजी और आपूर्ति श्रृंखला में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों का महत्व:
🇮🇳🤝🇺🇸
✅ रणनीतिक भागीदारी: भारत और अमेरिका इंडो-पैसिफिक में साझा हितों की रक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
✅ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: अमेरिका से आधुनिक रक्षा तकनीक और सैन्य उपकरणों का हस्तांतरण भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करेगा।
✅ साझा सैन्य अभ्यास: युद्धाभ्यास “टाइगर ट्राइंफ”, “मालाबार”, “युद्ध अभ्यास” जैसे संयुक्त अभियानों से सैन्य समन्वय में सुधार होगा।
राजनाथ सिंह का संदेश:
रक्षा मंत्री ने भारतीय संस्कृति और विरासत के प्रति तुलसी गबार्ड की प्रशंसा के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि इस तरह की सद्भावना भारत-अमेरिका मित्रता को और मजबूत बनाती है।