रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नीदरलैंड के रक्षा मंत्री रुबेन ब्रेकेलमैन्स से आग्रह किया कि डच कंपनियां पाकिस्तान को हथियार, तकनीक और सैन्य मंचों की आपूर्ति बंद करें। सिंह ने स्पष्ट किया कि इन हथियारों से पाकिस्तान ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, खासकर सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर।
🔹 भारत-नीदरलैंड रक्षा वार्ता की मुख्य बातें:
✅ सीमा पार आतंकवाद पर चिंता – भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को किसी भी सैन्य सहायता से क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचता है।
✅ भारत-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग – दोनों देशों ने मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा व्यापार और सुरक्षा हितों पर चर्चा की।
✅ रूस-यूक्रेन युद्ध पर डच रुख –
🔸 नीदरलैंड ने रूस के आक्रमण की कड़ी निंदा की और इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
🔸 डच रक्षा मंत्री ने भारत से शांति प्रक्रिया में भूमिका निभाने का अनुरोध किया।
🔸 उन्होंने यह भी कहा कि नीदरलैंड यूक्रेन का प्रमुख सैन्य समर्थक बना रहेगा।
✅ चीन पर सतर्कता – दोनों देशों ने चीन के आक्रामक रुख और अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी पर चिंता जताई।
✅ रक्षा और तकनीकी सहयोग – बातचीत में सुरक्षा, सूचना साझाकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों पर भी चर्चा हुई।
🔸 रायसीना डायलॉग 2025 में भागीदारी
नीदरलैंड के रक्षा मंत्री रुबेन ब्रेकेलमैन्स 17-19 मार्च तक नई दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2025 में भाग लेने आए थे, जहां उन्होंने राजनाथ सिंह से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर गहन विचार-विमर्श किया।
यह बातचीत भारत-नीदरलैंड रक्षा संबंधों को मजबूत करने और यूरोप-भारत रणनीतिक सहयोग को गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।