लैंड फॉर जॉब घोटाला: लालू यादव और उनके परिवार पर ईडी की कार्रवाई तेज
मुख्य बिंदु:
🔹 ईडी का समन: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव सहित परिवार के अन्य सदस्यों को पटना ऑफिस में पूछताछ के लिए बुलाया।
🔹 पिछली पूछताछ: इससे पहले 29 जनवरी को लालू यादव से 10 घंटे, और पिछले साल 30 जनवरी को तेजस्वी यादव से 8 घंटे की पूछताछ हो चुकी है।
🔹 मामला: आरोप है कि 2004-2009 के दौरान रेल मंत्री रहते हुए लालू यादव ने नौकरियों के बदले जमीन ली।
🔹 सीबीआई जांच: 18 मई 2022 को सीबीआई ने मामला दर्ज किया था, और अब तक 30 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मिल चुकी है।
क्या है “लैंड फॉर जॉब” घोटाला?
📌 समयावधि: 2004-2009 (जब लालू यादव रेल मंत्री थे)
📌 आरोप:
✅ रेलवे में ग्रुप-डी पदों पर भर्तियां की गईं।
✅ बदले में उम्मीदवारों ने लालू परिवार या उनके सहयोगियों के नाम पर जमीन हस्तांतरित की।
✅ इस तरह सस्ती दरों पर जमीन लेकर नौकरी दी गई।
लालू परिवार पर बढ़ते कानूनी शिकंजे:
- ईडी और सीबीआई की जांच तेज़।
- 2023 में ईडी ने 600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की।
- मामले में लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, हेमा यादव सहित कई करीबी शामिल।
क्या होगा आगे?
⚖️ अगर परिवार पेश नहीं होता, तो ईडी सख्त कार्रवाई कर सकती है।
⚖️ सीबीआई पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है—अब अदालती कार्रवाई तेज हो सकती है।
⚖️ बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़—क्या ये महागठबंधन सरकार पर असर डालेगा?