वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 के प्राप्तकर्ताओं से मुलाकात की और उन्हें प्रोत्साहित किया। इस समारोह में राष्ट्रपति द्वारा 17 बहादुर बच्चों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी बहादुरी, नवाचार, और सामाजिक योगदान के लिए विशेष उपलब्धियां हासिल की हैं।
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi attends the program organised to celebrate Veer Baal Diwas, a nationwide celebration honouring children as the foundation of India’s future.
(Source: DD) pic.twitter.com/cd9JXChhW7
— ANI (@ANI) December 26, 2024
साहिबजादों का बलिदान:
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साहिबजादों साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की असाधारण वीरता और बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने अपने मूल्यों और धर्म की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह प्रेरणादायक और अतुलनीय है।
उन्होंने कहा:
- “साहिबजादों का बलिदान वीरता, मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता, और धर्म की रक्षा के लिए अद्वितीय उदाहरण है।”
- “माता गुजरी जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की बहादुरी हमें सिखाती है कि चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन हों, अपने सिद्धांतों और आस्था के प्रति अडिग रहना ही सच्ची वीरता है।”
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi says, "…The lives of Sahibzade teach us to never compromise with the integrity of the country and the Constitution also teaches us to make the sovereignty and integrity of the country a priority. From history to the present, youth has always… pic.twitter.com/9YG89TqHEd
— ANI (@ANI) December 26, 2024
बच्चों के साथ बातचीत:
प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि इन बच्चों की उपलब्धियां भारत की युवा शक्ति की क्षमताओं को प्रदर्शित करती हैं।
उन्होंने बच्चों को बधाई देते हुए कहा:
- “आपकी उपलब्धियां न केवल आपके परिवारों के लिए गर्व की बात हैं, बल्कि पूरे देश को प्रेरित करती हैं।”
- “आप सभी भारत के भविष्य के निर्माता हैं और आपकी कड़ी मेहनत देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के 2024 प्राप्तकर्ताओं से मुलाकात की और उनसे बातचीत की।
(सोर्स: डीडी) pic.twitter.com/dJkM52MvKK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 26, 2024
माता गुजरी और साहिबजादों का स्मरण:
प्रधानमंत्री ने माता गुजरी जी और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की वीरता और बलिदान को भी स्मरण किया। उन्होंने उनके बलिदान को “धार्मिक स्वतंत्रता और मूल्यों की रक्षा का प्रकाश स्तंभ” बताया।
कार्यक्रम का महत्व:
वीर बाल दिवस और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार न केवल बच्चों को प्रोत्साहित करने का मंच प्रदान करते हैं, बल्कि साहिबजादों के बलिदान और उनकी प्रेरक गाथा को भी जीवित रखते हैं। प्रधानमंत्री ने इस दिन को नई पीढ़ी को देश के मूल्यों, इतिहास, और संस्कृति से जोड़ने का अवसर बताया।
यह आयोजन साहिबजादों की वीरता और बलिदान की गाथा को सम्मानित करते हुए बच्चों में देशभक्ति, नैतिकता और साहस की भावना को प्रोत्साहित करता है।
#WATCH | Delhi | PM Narendra Modi says, "Today, we are participating in the program of 3rd Veer Baal Diwas. Our government started celebrating this day to commemorate the valour and sacrifices of the Sahibzades…Today, 17 children of our nation are receiving the award in sectors… pic.twitter.com/i2YQj261b6
— ANI (@ANI) December 26, 2024
साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के हर लालच को ठुकराया: PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 26 दिसंबर का वो दिन, जब छोटी सी उम्र में हमारे साहिबजादों ने अपने प्राणों की आहुति दे दी. साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेह सिंह की आयु कम थी, लेकिन उनका हौसला आसमान से भी ऊंचा था. साहिबजादों ने मुगल सल्तनत के हर लालच को ठुकराया, हर अत्याचार को सहा. जब उन्हें दीवार में चुनवाने का आदेश दिया गया, तो साहिबजादों ने उसे पूरी वीरता से स्वीकार किया… साहिबजादों ने प्राण देना स्वीकार किया, लेकिन आस्था के पथ से विचलित नहीं हुए… वीर बाल दिवस का ये दिन हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी विकट स्थितियां आएं, देश और देशहित से बड़ा कुछ नहीं होता। देश के लिए किया गया हर काम वीरता है.”
पुरस्कार प्राप्त करने वाले बच्चों को एक पदक, सर्टिफिकेट और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे. प्रधानमंत्री मोदी इस कार्यक्रम में “सुपोषित पंचायत योजना” का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ बनाना है. कार्यक्रम के दौरान बच्चों द्वारा विभिन्न संस्कृतियों का प्रतिनिधित्व करते हुए एक मार्च पास्ट का आयोजन किया गया. इस समारोह में 3500 बच्चों ने भाग लिया.