खंडवा जिले में एक मदरसे से 19 लाख रुपए से अधिक की नकली करेंसी बरामद होने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। मामले में मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मदरसों पर सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंता जताई और कहा कि कई मदरसे अब अवैध गतिविधियों का केंद्र बनते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार को ऐसे संस्थानों की जानकारी जुटाकर एक स्पष्ट पॉलिसी बनानी चाहिए। BJP विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी कड़ी निंदा करते हुए इन मदरसों को आतंकवाद और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का अड्डा बताने जैसे आरोप लगाए और मुस्लिम समुदाय के अध्यापकों से ऐसे मदरसों के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग की अपील की।
पुलिस कार्रवाई के विवरण के अनुसार, इमाम जुबेर अंसारी और उसके एक साथी को पहले महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव से गिरफ्तार किया गया था — उनके पास से लगभग ₹10 लाख के नकली नोट बरामद થઈ ગયા थे और दोनों आरोपी मध्यप्रदेश के बुरहानपुर के रहनेवाले बताए गए हैं। गिरफ्तारियों की सूचना मिलने पर खंडवा पुलिस पौठिया गांव स्थित उस मदरसे (मस्जिद) में छापेमारी कर कमरे से नकली नोटों के बंडल ज़પ્ત किए, जिनकी कुल राशि अब 19 लाख रुपए से ऊपर बताई जा रही है।
घटनास्थल और गिरफ्तारी से जुड़े सुरागों के आधार पर विपक्ष तथा कुछ नेताओं ने इसे “भारत को अस्थिर करने का षड्यंत्र” करार दिया और राष्ट्रीय स्तर पर विस्तृत जांच की मांग की है। वहीं अधिकारियों ने मामले की जांच जारी बताते हुए कहा है कि सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जाएगी और जो भी कानून का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। विशेषज्ञ और कानूनी पर्यवेक्षक राजनीतिक बयानबाज़ी से बचकर जांच की निष्पक्षता पर जोर दे रहे हैं, ताकि अपराधियों और अवैध गिरोहों का नेटवर्क उजागर हो सके तथा किसी भी समुदाय के खिलाफ अप्रामाणिक आरोप-प्रत्यारोप से बचाव हो सके।
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