एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 के भीषण विमान हादसे में 260 लोगों की मौत के एक साल बाद भी एक पीड़ित की पहचान नहीं हो सकी है। इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है, क्योंकि यूनाइटेड किंगडम (UK) के कोरोनर को जल्द ही यह निर्णय लेना पड़ सकता है कि अज्ञात मानव अवशेषों का अंतिम संस्कार किया जाए या दफनाया जाए।
यह मामला तब सामने आया जब ब्रिटेन निवासी मितेन पटेल ने अपने माता-पिता अशोक पटेल (74) और शोभना पटेल (71) के अवशेषों की पहचान और उन्हें वापस लाने की प्रक्रिया के दौरान चौंकाने वाली जानकारी साझा की।
ताबूत में मिले थे एक अन्य व्यक्ति के अवशेष
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI171 के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद मृतकों की पहचान DNA जांच के माध्यम से की गई थी। अशोक और शोभना पटेल के अवशेष भी इसी प्रक्रिया के तहत ब्रिटेन भेजे गए।
हालांकि, जब शोभना पटेल के अवशेषों का ब्रिटेन में CT स्कैन किया गया तो पता चला कि ताबूत में कुछ अतिरिक्त कंकाल अवशेष भी मौजूद हैं। बाद में हुई फोरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि ये अवशेष एक अन्य पुरुष पीड़ित के हैं, जिसकी पहचान अब तक नहीं हो सकी है।
DNA और हथेली के निशान भेजे गए, फिर भी नहीं हुई पहचान
वेस्टमिंस्टर की कोरोनर डॉ. फियोना विल्कोक्स ने हालिया सुनवाई में बताया कि अज्ञात पीड़ित की पहचान के लिए भारत में हथेली के निशान और DNA नमूने भेजे गए हैं। इसके बावजूद एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उस व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाई है।
उन्होंने इस मामले को “अत्यंत असामान्य” बताते हुए कहा कि दुर्घटना के लगभग एक साल बाद इस तरह की जांच शुरू होना दुर्लभ स्थिति है।
परिवार को अंतिम संस्कार में करनी पड़ी देरी
मितेन पटेल ने बताया कि अतिरिक्त अवशेष मिलने के बाद उनके परिवार को अपने माता-पिता के अंतिम संस्कार में लगभग एक महीने की देरी करनी पड़ी। परिवार चाहता था कि अशोक और शोभना पटेल का अंतिम संस्कार एक साथ किया जाए।
उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने शुरुआत में उन्हें मामले पर सार्वजनिक रूप से बोलने से मना किया था। बाद में जांच में स्पष्ट हुआ कि अतिरिक्त अवशेष किसी अन्य पुरुष पीड़ित के थे।
पहचान नहीं हुई तो लेना होगा अंतिम निर्णय
मितेन पटेल के अनुसार, कोरोनर कार्यालय अनिश्चितकाल तक अवशेषों को अपने पास नहीं रख सकता। यदि जल्द पहचान नहीं हो पाती है तो अधिकारियों को कानूनी प्रक्रिया और संबंधित व्यक्ति की संभावित धार्मिक आस्था के आधार पर अंतिम संस्कार या दफनाने का निर्णय लेना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना में पहचान प्रक्रिया कठिन होती है, लेकिन पीड़ित परिवारों को पारदर्शिता और जवाबदेही मिलना उनका अधिकार है।
AI171 हादसे ने छोड़े कई अनसुलझे सवाल
एयर इंडिया AI171 दुर्घटना भारत के सबसे दर्दनाक विमान हादसों में से एक मानी जाती है। एक वर्ष बाद भी एक पीड़ित की पहचान न हो पाना इस त्रासदी से जुड़े कई सवालों को फिर से सामने ला रहा है।
अब सभी की नजर भारत और ब्रिटेन की जांच एजेंसियों पर है कि वे इस अज्ञात पीड़ित की पहचान कर परिवार तक जानकारी पहुँचाने में सफल हो पाती हैं या नहीं।
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