दिशा सालियान मौत केस में बड़ा मोड़ आ गया है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे के खिलाफ FIR दर्ज होने की मांग को लेकर दिशा के पिता सतीश सालियान ने मुंबई पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी बेटी की गैंगरेप के बाद हत्या की गई, और इसमें आदित्य ठाकरे मुख्य आरोपित हैं।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम:
🔹 दिशा सालियान (सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर) की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बिल्डिंग से गिरने से हुई थी।
🔹 मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया, लेकिन दिशा के पिता ने इसे हत्या बताया और राजनीतिक दबाव में केस दबाने का आरोप लगाया।
🔹 FIR की मांग में जिन नामों का जिक्र किया गया:
- आदित्य ठाकरे (शिवसेना नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे)
- परमबीर सिंह (मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर)
- सचिन वाझे (सस्पेंडेड पुलिस अधिकारी)
- आदित्य पंचोली (बॉलीवुड अभिनेता)
आरोपों से जुड़े दावे:
🔹 वकील नीलेश ओझा के अनुसार, आदित्य ठाकरे ड्रग कार्टेल में शामिल हैं, जिसके सबूत एनसीबी (Narcotics Control Bureau) के पास मौजूद हैं।
🔹 सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में भी FIR दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
🔹 उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार पर सत्ता का गलत इस्तेमाल कर केस दबाने का आरोप लगाया।
#WATCH | Disha Salian Murder case | Mumbai: Disha Salian's father Satish Salian's advocate, Nilesh Ojha says, "We met the Joint CP, we told him that as per the Bombay High Court guidelines, a written complaint should be considered as an FIR, he has accepted it. In this complaint,… pic.twitter.com/oHhDZDlgoT
— ANI (@ANI) March 25, 2025
सुशांत सिंह राजपूत केस से कनेक्शन:
दिशा सालियान की मौत के 6 दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। दोनों मामलों को आपस में जोड़कर देखा गया। उस समय भी आदित्य ठाकरे पर सवाल उठे थे, लेकिन उन्होंने सभी आरोपों से इनकार किया था।
अब आगे क्या?
🚨 मुंबई पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर ली है और अब इस पर आगे की जांच की जा सकती है।
🚨 क्या FIR दर्ज होगी? – यह अब पुलिस की कार्रवाई पर निर्भर करता है।
🚨 क्या इस केस में CBI एंट्री लेगी? – अगर हाईकोर्ट में याचिका स्वीकार होती है, तो जांच CBI को सौंपी जा सकती है।
इस मामले से महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से भूचाल आ सकता है, खासकर शिवसेना (उद्धव गुट) और भाजपा के बीच टकराव बढ़ सकता है।