उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार (17 सितंबर 2025) को मिशन शक्ति के पाँचवें चरण की शुरुआत की घोषणा की। यह अभियान महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए चलाया जा रहा है। इसका शुभारंभ 22 सितंबर, शारदीय नवरात्रि के पहले दिन होगा और यह अगले 30 दिनों तक चलेगा।
मिशन शक्ति की पृष्ठभूमि
इस अभियान की शुरुआत 2020 में हुई थी। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और इनकी सफलता को देखते हुए सरकार इसे गाँवों और कस्बों तक विस्तारित करना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि मिशन शक्ति केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह ऐसा सामाजिक आंदोलन है, जिसका उद्देश्य है कि हर महिला सुरक्षित और सम्मानित महसूस करे।
#UPCM @myogiadityanath ने कहा कि 'मिशन शक्ति' की सफलता तभी संभव है, जब बेटियों में सुरक्षा का विश्वास और आमजन में सुरक्षा का भाव हो।
❝ जेल में बंद असहाय महिलाओं को उपलब्ध कराएं विधिक सहायता ❞#MissionShaktiUP I @missionshaktiup pic.twitter.com/RNhNb1pgTM
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) September 18, 2025
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की और निर्देश दिए कि अभियान के दौरान सभी विभागों में तालमेल होना चाहिए। जोनल एडीजी, आईजी और डीआईजी स्तर के पुलिस अधिकारी नियमित क्षेत्रीय दौरे करेंगे और खुद पुलिस गश्त में शामिल होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि लोगों को सुरक्षा का अहसास होना चाहिए और अपराधियों में कानून का खौफ होना चाहिए।
महिला पुलिसकर्मी होंगी अभियान की धुरी
मिशन शक्ति की सबसे बड़ी ताकत राज्य की 44,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अभियान के दौरान महिला पुलिस अधिकारियों को और सक्रिय भूमिका दी जाए।
अगले 30 दिनों तक महिला पुलिस अधिकारी 57,000 ग्राम पंचायतों और 14,000 शहरी वार्डों का दौरा करेंगी। उनके साथ ग्राम प्रधान, पार्षद, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्वास्थ्य कर्मी भी होंगे। ये टीमें महिलाओं और लड़कियों से बातचीत करेंगी, उनकी समस्याएँ सुनेंगी और उन्हें सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगी।
त्योहारों पर विशेष व्यवस्था
चूँकि अभियान की शुरुआत नवरात्रि से हो रही है, इसलिए मंदिरों, धार्मिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले आयोजनों में महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। साथ ही एंटी-रोमियो स्क्वॉड को और मजबूत करने का भी निर्देश दिया गया है।
जागरूकता और संवाद कार्यक्रम
अभियान के तहत जिला स्तर पर स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और उद्योगों में सेमिनार और चर्चाएँ आयोजित होंगी। छात्रों को महिला सुरक्षा और समानता का महत्व समझाया जाएगा। इसके लिए लघु फिल्में और संवाद कार्यक्रम भी होंगे।
योगी आदित्यनाथ ने महिला कैदियों को कानूनी सहायता, पीड़ितों की तुरंत मदद और महिला अपराध मामलों के शीघ्र समाधान पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली हर कॉल को गंभीरता से लिया जाए।
नई पहलें
- नगर निगमों में पिंक बूथ स्थापित होंगे, जिन्हें प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी 24 घंटे चलाएँगी।
- मिशन शक्ति केंद्रों को वन-स्टॉप समाधान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ शिकायत दर्ज, परामर्श, कानूनी सहायता और कार्रवाई की सुविधा होगी।
- बूथ कर्मचारियों को डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने और आर्थिक सहायता योजनाओं के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
पिछली उपलब्धियाँ
मिशन शक्ति के पिछले चार चरण बेहद सफल रहे। सिर्फ चौथे चरण में ही:
- 3.44 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित हुए।
- 2.03 करोड़ महिलाओं और लड़कियों तक पहुँचा गया।
- 18,344 महिला पुलिसकर्मी और 9,172 महिला अधिकारी तैनात रहीं।
कई विशेष अभियान भी चलाए गए, जैसे:
- ऑपरेशन गरुड़ – साइबर अपराधियों के खिलाफ।
- ऑपरेशन बचपन – 2,800 से अधिक बच्चों को बचाया गया।
- ऑपरेशन मजनू – 74,000 से अधिक लड़कों पर कार्रवाई।
- ऑपरेशन नशा मुक्ति – नशे के खिलाफ अभियान।
- ऑपरेशन रक्षा – होटलों और पबों की निगरानी।
- ऑपरेशन ईगल – 7,000 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी।
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