प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में भारतीय रेलवे से जुड़े चार महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी गई है। ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के कुल 15 जिलों को कवर करेंगे और 2030-31 तक पूरे कर लिए जाएंगे। परियोजनाओं की कुल लागत ₹18,658 करोड़ होगी।
प्रमुख बिंदु:
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4 रेल परियोजनाएं: कुल 1247 किलोमीटर नेटवर्क विस्तार
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लागत: ₹18,658 करोड़
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राज्य: महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, उड़ीसा
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लाभार्थी जिले: 15
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लाभार्थी गांव: लगभग 3350
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प्रभावित जनसंख्या: 47.25 लाख
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नए स्टेशन: 19
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निर्माण की समयसीमा: 2030-31
चार स्वीकृत मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स:
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संबलपुर – जरापड़ा तीसरी और चौथी लाइन (उड़ीसा)
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झारसुगुड़ा – Sason तीसरी और चौथी लाइन (उड़ीसा)
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खरसिया – नया रायपुर – परमालकसा पांचवीं और छठी लाइन (छत्तीसगढ़)
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गोंदिया – बल्हारशाह डबलिंग (महाराष्ट्र)
Union Minister Ashwini Vaishnaw holds union cabinet briefing.
Union Cabinet approves 4 projects of Ministry of Railways with total cost of Rs. 18,658 cr. Projects covering 15 districts in 3 states Maharashtra, Odisha, and Chhattisgarh will increase existing network of Indian… pic.twitter.com/DPECbGn4o6
— ANI (@ANI) April 4, 2025
लॉजिस्टिक्स क्रांति: कोयला, लौह अयस्क के परिवहन को मिलेगा बल
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि ये मल्टीट्रैकिंग प्रोजेक्ट्स खास तौर पर खनिज समृद्ध रूट्स जैसे कोयला और लौह अयस्क परिवहन के लिए जरूरी हैं। इससे मालवाहक ट्रेनों की लाइन क्षमता बढ़ेगी, जिससे ट्रैफिक जाम, डिटेंशन टाइम और ट्रांजिट लागत में भारी कमी आएगी।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
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ट्रेन देरी में कमी
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ज्यादा ट्रेनों का संचालन
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बेहतर यात्री अनुभव
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नए स्टेशनों से कनेक्टिविटी
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अधिक रोजगार निर्माण
PM गति शक्ति योजना का परिणाम
ये प्रोजेक्ट्स प्रधानमंत्री की ‘गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान’ के अंतर्गत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। इसके तहत रेलवे, सड़क, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर को एकीकृत दृष्टिकोण से जोड़ा जा रहा है।
पर्यावरणीय लाभ भी होंगे
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CO2 उत्सर्जन में कमी
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डीजल पर निर्भरता घटेगी
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ग्रीन ट्रांसपोर्टेशन को बढ़ावा
विशेष ध्यान: आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में संपर्क
इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली, जैसे आदिवासी और सीमावर्ती जिलों को मुख्यधारा की रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे इन क्षेत्रों का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार द्वारा स्वीकृत यह पहल भारत की अवसंरचना क्रांति का हिस्सा है, जो ‘विकसित भारत 2047’ की दिशा में सटीक और सुनियोजित कदम है। यह न केवल रोजगार और व्यापार को बढ़ाएगा, बल्कि देश को सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स में अग्रणी बनाएगा।