देश के कई राज्यों में मंगलवार को भारी बारिश और आकाशीय बिजली ने जमकर कहर बरपाया। झारखंड के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश में बिजली का करंट लगने की विभिन्न घटनाओं में तीन लोगों की जान चली गई और एक बच्ची घायल हो गई।
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। नदियों का जलस्तर बढ़ने, सड़कों पर जलभराव, यातायात बाधित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं के बीच आकाशीय बिजली लोगों के लिए बड़ा खतरा बनकर सामने आई है।
झारखंड के तीन जिलों में 13 लोगों की मौत
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, झारखंड के गिरिडीह, दुमका और लातेहार जिलों में मंगलवार को आकाशीय बिजली गिरने की कई घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में कुल 13 लोगों की मौत की सूचना है।
मृतकों में सबसे अधिक आठ लोग गिरिडीह जिले के बताए गए हैं। दुमका में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि लातेहार में भी कई लोगों ने जान गंवाई। विभिन्न घटनाओं में एक बच्चे और एक महिला सहित कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
गिरिडीह में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत
खोरिमाहुआ के उपमंडल पुलिस अधिकारी अमरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके अनुमंडल के अंतर्गत आने वाले तीन थाना क्षेत्रों में बिजली गिरने से कम से कम सात लोगों की मौत हुई और तीन लोग घायल हो गए।
इसके अलावा गिरिडीह जिले के बागोदर थाना क्षेत्र में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस तरह गिरिडीह जिले में मृतकों की कुल संख्या आठ हो गई।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
दुमका के रामगढ़ ब्लॉक में 3 लोगों की मौत
दुमका जिले के रामगढ़ ब्लॉक में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में एक बच्चे सहित चार लोगों के घायल होने की भी सूचना है।
घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहने की अपील की है।
लातेहार में भी बिजली गिरने की घटनाएं
लातेहार जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भी आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय अधिकारी घटनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में करंट लगने से 3 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली के साथ-साथ विद्युत करंट से जुड़े हादसों ने भी लोगों की जान ले ली। देवरिया, एटा और लखनऊ में हुई अलग-अलग घटनाओं में आठ वर्षीय बच्ची, दस वर्षीय लड़के और 65 वर्षीय मंदिर के पुजारी की मौत हो गई।
एक अन्य घटना में छह वर्षीय बच्ची को सार्वजनिक वाटर कूलर छूने पर करंट लग गया। स्थानीय दुकानदारों ने समय रहते उसे बचा लिया।
मोबाइल चार्ज करते समय 8 वर्षीय बच्ची की मौत
देवरिया जिले के गौरी बाजार थाना क्षेत्र के आसनहार गांव में आठ वर्षीय बच्ची की मोबाइल फोन चार्ज करते समय करंट लगने से मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, करंट लगने से बच्ची गंभीर रूप से झुलस गई थी। परिजन उसे तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना अधिकारी मृत्युंजय राय ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ट्रांसफार्मर के संपर्क में आने से 10 वर्षीय आरुष की मौत
एटा जिले के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के राधा विहार इलाके में दस वर्षीय आरुष की ट्रांसफार्मर के संपर्क में आने से मौत हो गई।
बताया गया कि आरुष अपने छोटे भाई को ट्यूशन छोड़ने के बाद घर लौट रहा था। इसी दौरान वह ट्रांसफार्मर के संपर्क में आ गया और उसे बिजली का तेज झटका लगा।
स्थानीय लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
लखनऊ में मंदिर के पुजारी की करंट से मौत
लखनऊ के गोसाईंगंज क्षेत्र स्थित रामबाग धाम अमेठी मंदिर में बिजली के घरेलू कनेक्शन के संपर्क में आने से 65 वर्षीय पुजारी रूप चंद की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुजारी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
वाटर कूलर छूते ही छह वर्षीय बच्ची को लगा करंट
एटा के मरहरा कस्बे में नगर निकाय द्वारा लगाए गए सार्वजनिक वाटर कूलर को छूने से छह वर्षीय बच्ची फिजा को करंट लग गया।
घटना के दौरान आसपास मौजूद दुकानदारों ने तुरंत बच्ची को बिजली के संपर्क से अलग किया, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद सार्वजनिक स्थानों पर लगे विद्युत उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
भारी बारिश से कई राज्यों में जनजीवन प्रभावित
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, जबकि पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
कई प्रमुख और ग्रामीण मार्गों पर पानी भरने से यातायात बाधित हुआ है। नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम खराब होने के दौरान प्रशासन ने लोगों से खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
बारिश और गरज-चमक के दौरान घर या किसी सुरक्षित पक्की इमारत में चले जाएं। पेड़ के नीचे, खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी या ऊंचे स्थान पर खड़े न हों। बिजली के खंभों, तारों, ट्रांसफार्मर और धातु की वस्तुओं को छूने से बचें।
मोबाइल फोन चार्ज करते समय बिजली के बोर्ड, चार्जर और तार की स्थिति की जांच करना भी जरूरी है। जलभराव वाली जगह पर किसी विद्युत उपकरण या सार्वजनिक वाटर कूलर को छूने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
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