भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून अपने 92 साल के इतिहास में पहली बार महिलाओं को अधिकारी बनने की ट्रेनिंग देने जा रही है। ये वे महिलाएं हैं जिन्होंने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) पास किया और जुलाई 2025 में IMA में शामिल होंगी। यह भारतीय सेना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
पहली बार NDA पासआउट महिला अधिकारी IMA में लेंगी ट्रेनिंग
✅ 2021 में NDA में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति मिली।
✅ जून 2025 में पहला महिला बैच NDA से पास होगा।
✅ 18 महिला कैडेट्स NDA से ग्रेजुएट होंगी।
✅ 8 महिलाओं ने थल सेना चुनी, बाकी 10 नौसेना और वायुसेना में जाएंगी।
✅ अब तक सेना में महिलाओं को OTA चेन्नई में ट्रेनिंग दी जाती थी, पहली बार IMA में ट्रेनिंग होगी।
IMA में महिलाओं की ट्रेनिंग कैसे होगी?
🔹 एक साल की ट्रेनिंग – पुरुषों के साथ ही ट्रेनिंग होगी लेकिन शारीरिक क्षमताओं के अनुसार मानकों का पालन किया जाएगा।
🔹 रहने की व्यवस्था एक ही जगह होगी, लेकिन अन्य सुविधाएं सेना के मानदंडों के अनुरूप रहेंगी।
🔹 वायुसेना और नौसेना की अकादमियों में पहले से पुरुष और महिला अधिकारियों की सामूहिक ट्रेनिंग का अनुभव है।
भारतीय सेना में महिलाओं की स्थिति
📌 भारतीय सेना में वर्तमान में 1700 महिला अधिकारी कार्यरत हैं।
📌 749 महिलाओं को 2021 के बाद से परमानेंट कमीशन मिला।
📌 115 महिलाएं सेना में कमांड कर रही हैं।
📌 146 महिलाएं कर्नल पद तक पहुंच चुकी हैं।
📌 60% महिलाएं ऑपरेशनल ड्यूटी में तैनात हैं।
📌 भविष्य में महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ाकर 2000 करने की योजना।
महत्व और प्रभाव
✅ महिलाओं की सेना में बढ़ती भागीदारी – भारत में सैन्य सेवा को लैंगिक रूप से अधिक समावेशी बना रहा है।
✅ लीडरशिप के नए अवसर – महिला अधिकारियों को थलसेना की मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में कदम।
✅ राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं की भागीदारी – महिलाओं के लिए और अधिक कमांड रोल खुल सकते हैं।
IMA में महिलाओं की ट्रेनिंग भारतीय सेना में महिला अधिकारियों के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगी। यह भारतीय सैन्य इतिहास में एक ऐतिहासिक बदलाव है, जो लैंगिक समानता और महिलाओं की सैन्य सेवाओं में भागीदारी को मजबूत करेगा।