केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2023 पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों पर निशाना साधा और वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की सरकार की मंशा को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि यह कानून मुसलमानों के हित में है और इसका मकसद वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकना है।
#WATCH | #WaqfAmendmentBill | Union Home Minister Amit Shah says, "I stand in support of the Bill introduced by my ministerial colleague. I have been carefully hearing the discussion going on since 12 noon…I feel that there are several misconceptions among several Members,… pic.twitter.com/b5Pv2eqCeG
— ANI (@ANI) April 2, 2025
मुख्य बिंदु:
1️⃣ वक्फ बोर्ड धार्मिक नहीं, लेकिन पारदर्शिता जरूरी – अमित शाह
🔹 अमित शाह ने कहा कि वक्फ धार्मिक संस्था है, लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद धर्मनिरपेक्ष संस्थाएं हैं।
🔹 वक्फ बोर्डों में कोई गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं आएगा, लेकिन संपत्तियों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार नए प्रावधान लेकर आई है।
🔹 विपक्षी दलों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे वोटबैंक की राजनीति के लिए मुसलमानों को गुमराह कर रहे हैं।
2️⃣ कांग्रेस पर गंभीर आरोप: 2013 में वक्फ कानून में संशोधन से हुई धांधली
🔹 शाह ने कहा कि 2013 में वक्फ कानून को एकतरफा संशोधित कर इसे “अत्यधिक शक्तिशाली” बना दिया गया।
🔹 उन्होंने दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सरकार ने जल्दबाजी में 123 वीवीआईपी संपत्तियां वक्फ को सौंप दीं।
🔹 उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु के तिरुचेंदुरई मंदिर की 400 एकड़ भूमि को भी वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया गया।
🔹 कर्नाटक में 29,000 एकड़ भूमि को व्यावसायिक उपयोग के लिए किराए पर देने की रिपोर्ट सामने आई।
3️⃣ वक्फ संपत्तियों की पारदर्शिता पर ज़ोर
🔹 अमित शाह ने कहा कि बेंगलुरु में 602 एकड़ जमीन को जब्त करने से रोकने के लिए न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा।
🔹 5 स्टार होटल को मात्र ₹12,000 महीने के किराए पर जमीन दी गई, जिससे वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग साफ दिखता है।
🔹 उन्होंने दावा किया कि चर्च और अन्य धार्मिक समूह भी इस विधेयक का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि यह पारदर्शिता लाने के लिए जरूरी है।
4️⃣ लालू यादव के पुराने बयान का ज़िक्र
🔹 शाह ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने एक बार वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग पर चिंता जताई थी।
🔹 पटना में डाक बंगले की कई प्रॉपर्टी अनधिकृत रूप से वक्फ के नाम पर कर दी गईं और वहां अपार्टमेंट बना दिए गए।
🔹 उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी लूट-खसोट को रोकने के लिए सरकार कड़े कदम उठा रही है।
5️⃣ “अपनी संपत्ति वक्फ करें, दूसरों की नहीं”
🔹 अमित शाह ने दो टूक कहा कि दान केवल अपनी संपत्ति का किया जा सकता है, दूसरों की संपत्ति का नहीं।
🔹 कलेक्टर को यह जांचने का अधिकार दिया जा रहा है कि वक्फ की संपत्ति असली में वक्फ की है या नहीं।
🔹 उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई मामलों में, किसी व्यक्ति के विदेश जाने पर उसकी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर दिया जाता है।
#WATCH | #WaqfAmendmentBill | Union Home Minister Amit Shah says, "…Waqf Act and Board came into effect in 1995. All the arguments about the inclusion of non-Muslims inclusion are about interference in the Waqf. First of all, no non-Muslim would come into the Waqf. Understand… pic.twitter.com/osPN7YKoGI
— ANI (@ANI) April 2, 2025
निष्कर्ष:
✅ वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए विधेयक लाया गया है।
✅ कांग्रेस सरकार द्वारा 2013 में किए गए संशोधन के कारण वक्फ संपत्तियों की अवैध घोषणा बढ़ी।
✅ यह कानून मुसलमानों के हित में है और उनकी संपत्तियों को अवैध सौदों से बचाने का प्रयास कर रहा है।
✅ सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता लाना है, न कि वक्फ के धार्मिक कार्यों में हस्तक्षेप करना।