महाकुंभ 2025 की सफलता पर पीएम मोदी का संसद में संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महाकुंभ 2025 की सफलता पर वक्तव्य देते हुए इसे भारत की राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक शक्ति का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ की भव्यता को रेखांकित करते हुए इसे जनता जनार्दन की श्रद्धा और संकल्पों से प्रेरित आयोजन बताया।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi says, "… I emphasised the importance of 'Sabka Sath Sab ka Vikas' from the Red Fort. The entire world saw India's grandeur in the form of Maha Kumbh… We witness a national awakening in the Maha Kumbh, which would inspire new… pic.twitter.com/HQm9JQT9y0
— ANI (@ANI) March 18, 2025
महाकुंभ में भारत के विराट स्वरूप के दर्शन – पीएम मोदी
🔹 महाकुंभ की सफलता में सभी का योगदान
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार, समाज और आमजन के सामूहिक प्रयास से महाकुंभ का आयोजन ऐतिहासिक रूप से सफल रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश और प्रयागराज की जनता सहित सभी श्रद्धालुओं और कर्मयोगियों का अभिनंदन किया।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi says, "I stand here to speak on Prayagraj's Maha Kumbh. I congratulate crores of countrymen because of whom the Maha Kumbh could be organised successfully. Many people contributed to the success of the Maha Kumbh… I thank the people… pic.twitter.com/YJIuMyZpJw
— ANI (@ANI) March 18, 2025
🔹 महाकुंभ ने हमारी सोच को और मजबूत किया
प्रधानमंत्री ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का संदर्भ देते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर ने यह अहसास कराया कि देश अगले 1000 वर्षों के लिए कैसे तैयार हो रहा है। इसी तरह महाकुंभ 2025 ने देश की सामूहिक चेतना को सशक्त किया है।
#WATCH | Delhi | Prime Minister Narendra Modi says, "… Last year, during the Pran Pratishtha of the Ram Temple, we saw how the country was preparing itself for the next 1000 years. This thought was strengthened even more during the Maha Kumbh… The country's collective… pic.twitter.com/MpQnewWO24
— ANI (@ANI) March 18, 2025
🔹 गंगा लाने जैसा महाप्रयास था महाकुंभ
पीएम मोदी ने महाकुंभ के आयोजन को भगीरथ प्रयास की तरह बताया, जहां भारत के विराट स्वरूप का पूरा विश्व साक्षी बना। उन्होंने अपने लाल किले के भाषण को याद दिलाते हुए कहा कि “सबका प्रयास” का सबसे बड़ा उदाहरण महाकुंभ में देखने को मिला।
गंगा जल लेकर मॉरीशस पहुंचे पीएम मोदी
🔹 गंगा तालाब में संगम जल का मिलन
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने हालिया मॉरीशस दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि वह त्रिवेणी संगम से पवित्र जल लेकर गए थे और जब यह मॉरीशस के गंगा तालाब में मिलाया गया, तो यह भारत की संस्कृति और आस्था का जीवंत उत्सव बन गया।
प्रधानमंत्री मोदी के इस संबोधन से स्पष्ट है कि महाकुंभ 2025 न केवल भारत के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बना, बल्कि इसने देश की एकता और शक्ति को भी सशक्त किया। गंगा जल का मॉरीशस में प्रवाहित होना भारत की संस्कृति की वैश्विक पहचान और स्वीकार्यता को दर्शाता है।