बठिंडा के गुरु काशी यूनिवर्सिटी में बिहार के छात्रों पर हमले की घटना बेहद गंभीर और दुखद है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया, जिससे कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना ने न केवल विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक पहलू भी सामने आए हैं।
"Bihari student brutally beaten by local students at Guru Kashi University, Punjab! Where is student safety? Authorities must act now! @CMofBihar @ugc_india @EduMinOfIndia @PunjabGovtIndia #JusticeForBihariStudents #StudentSafety" https://t.co/eeo3tL1EZA
— Deepu Kumar Tiwari (@DeepuKumarTiw12) March 21, 2025
मुख्य बिंदु:
- हमले की घटना: बीटेक, बीफार्मा, बीसीए, एमसीए और एमबीए जैसे कोर्स के छात्र, जो अपनी पढ़ाई के लिए बठिंडा में आए थे, पर हमलावरों ने बेरहमी से हमला किया। कई छात्रों के सिर फट गए और हड्डियाँ टूट गईं। छात्रों के अनुसार, हमलावरों में स्थानीय लोग भी शामिल थे और सुरक्षा गार्डों का भी हमलावरों के साथ संबंध था।
- पुलिस का रवैया: छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उनकी मदद करने के बजाय बिहारी छात्रों को ही हिरासत में ले लिया। यह घटना और भी गंभीर बन जाती है जब यह आरोप लगाया जा रहा है कि यूनिवर्सिटी के सुरक्षा गार्ड भी हमलावरों के साथ मिले हुए थे और फायरिंग भी की गई।
- यूनिवर्सिटी प्रशासन का बयान: यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, डॉ. एसके बावा ने कहा कि यह झगड़ा बिहारी और पंजाबी छात्रों के बीच नहीं था, बल्कि बिहार के छात्रों के दो गुटों के बीच हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि हमलावरों की पहचान कर ली गई है और उन्हें यूनिवर्सिटी से निकाल दिया जाएगा।
- राजनीतिक प्रतिक्रिया: इस घटना ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री को भी चौकस किया है। छात्रों ने उनके पास मदद की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फोटो और वीडियो ने इस घटना को और भी सार्वजनिक बना दिया है।
इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि छात्रावासों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, स्थानीय और बाहरी छात्रों के बीच झगड़ों को उचित तरीके से न सुलझाने के कारण ऐसी घटनाएं घट रही हैं, जो समाज में तनाव और असंतोष पैदा कर सकती हैं। इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।