गुजरात के जामनगर में भारतीय वायुसेना (IAF) के जगुआर लड़ाकू विमान की दुर्घटना एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। यह हादसा 2 अप्रैल की रात को हुआ जब जगुआर रात्रि प्रशिक्षण मिशन के दौरान क्रैश हो गया।
दुर्घटना के प्रमुख बिंदु:
- भारतीय वायुसेना का जगुआर दो-सीटर लड़ाकू विमान जामनगर एयरफील्ड से उड़ान भरते समय दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
- इस हादसे में एक पायलट शहीद हो गया, जबकि दूसरे पायलट को गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जामनगर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
- दुर्घटना स्थल सुवरदा गांव (जामनगर से 12 किमी दूर) के खुले मैदान में था, जिससे किसी नागरिक को कोई नुकसान नहीं हुआ।
- दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए गए हैं।
दुखद समाचार! गुजरात के जामनगर में भारतीय वायुसेना का जगुआर लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
– एक पायलट को बचा लिया गया है और अस्पताल ले जाया गया है।
#Jamnagar #Aircraft #FighterPlanecrash #Gujarat pic.twitter.com/7NUO8g1eXu
— One India News (@oneindianewscom) April 3, 2025
प्रशासन की प्रतिक्रिया:
- पुलिस अधीक्षक प्रेमसुख देलू ने बताया कि विमान में आग लग गई थी, लेकिन दुर्घटना से पहले एक पायलट सुरक्षित निकलने में कामयाब रहा।
- जिलाधिकारी केतन ठक्कर ने बताया कि घायल पायलट की हालत स्थिर है और दुर्घटनास्थल पर अग्निशमन कर्मियों ने आग बुझा दी।
जगुआर विमान: भारतीय वायुसेना के लिए महत्त्वपूर्ण लड़ाकू जेट
- SEPECAT Jaguar एक द्विपक्षीय (twin-engine) गहरा हमला करने वाला लड़ाकू विमान है।
- यह ग्राउंड अटैक, सामरिक हमले, और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता रखता है।
- भारतीय वायुसेना ने 1979 में इस विमान को अपने बेड़े में शामिल किया था।
- हालांकि, ये विमान अब पुराने हो चुके हैं और इन्हें धीरे-धीरे राफेल और तेजस जैसे आधुनिक जेट्स से बदलने की योजना है।
हालिया घटनाएं और IAF का अपग्रेडेशन प्रयास
- भारतीय वायुसेना के कई मिग-21, मिराज-2000 और जगुआर विमान हाल के वर्षों में दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं, जिससे इनके पुराने होने की समस्या उजागर होती है।
- IAF धीरे-धीरे अपने बेड़े को अपग्रेड कर रही है और राफेल, तेजस, और AMCA जैसे नए विमानों को शामिल करने की प्रक्रिया जारी है।
यह दुर्घटना भारतीय वायुसेना के पुराने हो रहे बेड़े और सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। IAF के पायलट्स लगातार खतरनाक मिशन पर तैनात रहते हैं, और ऐसे हादसे उनके बलिदान को दर्शाते हैं। यह घटना भी IAF के बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी लाने की जरूरत को रेखांकित करती है।