भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान को लेकर बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत को पाकिस्तान की ओर से किसी भी प्रकार की हिंसक कार्रवाई या आतंकी हमलों का तत्काल और प्रभावी जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा। उनका बयान इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारतीय सशस्त्र बल किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम और तैयार हैं।
जनरल चौहान ने पाकिस्तान के सैन्य सिद्धांत — “पूर्ण-आयामी प्रतिरोध सिद्धांत (Full Spectrum Deterrence Doctrine)” — को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि भारत को इस रणनीति को सीधे चुनौती देने की आवश्यकता है। पाकिस्तान की यह नीति परमाणु हथियारों की आड़ में सीमित पारंपरिक युद्ध छेड़ने या आतंकवाद को बढ़ावा देने की छूट देती है, जिसे भारत अब बर्दाश्त नहीं करेगा। सीडीएस ने दो टूक कहा कि आतंकी अब पाकिस्तान के किसी भी कोने में छिप नहीं सकते, और भारत की रणनीति अब रक्षात्मक नहीं बल्कि सक्रिय और निर्णायक होनी चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आज के दौर में युद्ध और शांति की रेखाएं धुंधली होती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे युद्ध और शांति एक-दूसरे में विलीन हो रहे हैं, और इस नए युग में सेना को सिर्फ युद्ध के समय ही नहीं, बल्कि 24×7 और 365 दिन हमेशा सतर्क और तैयार रहना चाहिए। यह टिप्पणी हाइब्रिड वॉरफेयर, साइबर हमलों, और आतंकी घुसपैठ जैसे आधुनिक सुरक्षा खतरों की ओर इशारा करती है।
सीडीएस चौहान ने इस बात पर भी बल दिया कि भारत की सैन्य तैयारी को उच्चतम स्तर पर बनाए रखना आवश्यक है, ताकि किसी भी तरह के खतरे का मुकाबला किया जा सके, चाहे वह पारंपरिक युद्ध हो या असममित संघर्ष। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सिर्फ सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि वृहद रणनीतिक दृष्टिकोण की जरूरत है जिसमें सभी सुरक्षा एजेंसियों और सैन्य शाखाओं का समन्वय आवश्यक है।
जनरल अनिल चौहान के इस बयान को भारत की सुरक्षा नीति में रूख में आए बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ अब निरोधक रणनीति के साथ-साथ प्रत्युत्तर देने की तत्परता को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
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