भारतीय नौसेना को जल्द ही दो अत्याधुनिक युद्धपोत मिलने वाले हैं। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने हाल ही में INS हिमगिरि (स्टील्थ फ्रिगेट) और INS अंद्रोथ (एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट) के समुद्री परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने की घोषणा की है।
INS हिमगिरि – प्रोजेक्ट 17A के तहत बना भारत का सबसे बड़ा फ्रिगेट
✅ निर्माणकर्ता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE)
✅ परियोजना: प्रोजेक्ट 17A
✅ विस्थापन: 6,670 टन (अब तक का सबसे बड़ा भारतीय फ्रिगेट)
✅ हथियार प्रणाली:
🔹 ब्रह्मोस एंटी-शिप और एंटी-सर्फेस मिसाइलें
🔹 बराक-8 सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें
🔹 सेंसर और स्टील्थ तकनीक से लैस
INS हिमगिरि, प्रोजेक्ट 17A के तहत बनाए जा रहे सात युद्धपोतों में से एक है। इससे पहले INS नीलगिरि (इस परियोजना का पहला युद्धपोत) को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया था और 15 जनवरी 2024 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नौसेना में शामिल किया था।
INS अंद्रोथ – तटीय सुरक्षा के लिए घातक पनडुब्बी शिकारी
✅ वर्ग: अर्नाला-क्लास शैलो वाटर क्राफ्ट
✅ निर्माणकर्ता: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE)
✅ संख्या: 8 एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW) क्राफ्ट में से एक
✅ विशेषताएँ:
🔹 छोटा लेकिन घातक, आधुनिक हथियारों से लैस
🔹 तटीय इलाकों में दुश्मन पनडुब्बियों का पता लगाने और नष्ट करने में सक्षम
🔹 सबसे शांत युद्धपोत के रूप में डिजाइन किया गया – रक्षा मंत्री पुरस्कार 2022 से सम्मानित
INS अंद्रोथ, INS अर्नाला क्लास की श्रेणी में आता है, जिसे तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।
समुद्री परीक्षण और नौसेना में शामिल होने की प्रक्रिया
📌 INS हिमगिरि और INS अंद्रोथ ने 3 मार्च को कॉन्ट्रैक्टर सी ट्रायल (CST) पूरा किया, जो किसी भी युद्धपोत के निर्माण की अंतिम प्रक्रिया होती है।
📌 परीक्षण के दौरान गति, संचालन क्षमता और ऑन-बोर्ड सिस्टम का मूल्यांकन किया गया।
📌 परीक्षणों के दौरान भारतीय नौसेना, GRSE और विभिन्न मान्यता प्राप्त एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
📌 INS अर्नाला का भी परीक्षण पूरा हो चुका है और इसे भी जल्द ही नौसेना को सौंपा जाएगा।
भारत की समुद्री शक्ति को मिलेगी नई मजबूती
INS हिमगिरि और INS अंद्रोथ के शामिल होने से भारतीय नौसेना की ताकत और समुद्री सुरक्षा को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
ब्रह्मोस और बराक-8 मिसाइलों से लैस INS हिमगिरि भारत के समुद्री प्रभुत्व को और मजबूत करेगा।
INS अंद्रोथ दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने और नष्ट करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।