भारत का पाकिस्तान को दो-टूक जवाब: अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को खाली करो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पॉडकास्ट में जम्मू-कश्मीर पर की गई टिप्पणी के बाद, भारत ने पाकिस्तान को झूठ फैलाने के बजाय अवैध रूप से कब्जा किए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करने की नसीहत दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान की प्रतिक्रिया को खारिज करते हुए कहा—
🗣️ “दुनिया जानती है कि जम्मू-कश्मीर में असली मुद्दा पाकिस्तान द्वारा सीमा पार से आतंकवाद को सक्रिय रूप से बढ़ावा देना और प्रायोजित करना है। यह क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी बाधा है।”
🔹 पीएम मोदी का बयान: पाकिस्तान को सद्बुद्धि आए
प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ बातचीत में कहा था—
🗣️ “पाकिस्तान के साथ शांति को बढ़ावा देने के हर प्रयास का जवाब शत्रुता और विश्वासघात से मिला है।”
मोदी ने यह भी आशा जताई कि “द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व को सद्बुद्धि आए।”
पाकिस्तान ने इस बयान को “भ्रामक और एकतरफा” करार देते हुए खारिज किया, जिस पर भारत ने करारा जवाब दिया।
🔹 जयशंकर का बयान: पीओके की वापसी से हल होगा कश्मीर मसला
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कश्मीर मुद्दे पर कहा—
🗣️ “हमने अनुच्छेद 370 हटाकर और कश्मीर में विकास व चुनाव सुनिश्चित करके समस्या के अधिकांश हिस्सों को हल कर लिया है।”
उन्होंने आगे कहा—
🗣️ “अब हमें केवल उस हिस्से की वापसी का इंतजार है, जो अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्जे में है। जब यह हो जाएगा, तो मैं आपको आश्वासन देता हूं कि कश्मीर का मसला पूरी तरह हल हो जाएगा।”
🔹 भारत का स्पष्ट संदेश: झूठ फैलाने के बजाय पीओके खाली करो
✅ भारत ने पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के लिए जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यही क्षेत्र में शांति की सबसे बड़ी बाधा है।
✅ विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को “झूठ फैलाने” के बजाय पीओके (पाक-अधिकृत कश्मीर) को खाली करना चाहिए।
✅ प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर के बयानों से यह साफ है कि भारत जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी स्थिति से पीछे हटने वाला नहीं है।