भारतीय नौसेना ने हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करने के लिए दो नई पहल – IOS सागर (Indian Ocean Ship Sagar) और AIKEYME शुरू की हैं। ये पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्च 2025 में मॉरीशस यात्रा के दौरान घोषित MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security Across the Region) पहल का हिस्सा हैं, जिसका उद्देश्य भारत को IOR में “प्राथमिक सुरक्षा भागीदार” और “प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता” के रूप में स्थापित करना है।
IOS सागर: समुद्री सहयोग की नई पहल
- उद्देश्य: हिंद महासागर क्षेत्र में नौसैनिक सहयोग को मजबूत करना।
- प्रमुख गतिविधियाँ:
- INS सुनयना की तैनाती: अप्रैल 2025 में भारतीय नौसेना का जहाज INS सुनयना दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर में एक महीने के मिशन पर रहेगा।
- सहयोगी देश: नौ मित्र देश (FFC) – कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस, मोज़ाम्बिक, सेशेल्स, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका।
- संयुक्त निगरानी: INS सुनयना इन देशों के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी करेगा।
- बंदरगाहों का दौरा: INS सुनयना तंजानिया (दार-एस-सलाम), मोजाम्बिक (नाकाला), मॉरीशस (पोर्ट लुइस), सेशेल्स (पोर्ट विक्टोरिया) और मालदीव (माले) का दौरा करेगा।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम: भारतीय नौसेना कोच्चि में इन मित्र देशों के नाविकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएँ आयोजित करेगी।
AIKEYME: भारत-अफ्रीका समुद्री सुरक्षा सहयोग
- उद्देश्य: अफ्रीकी देशों के साथ समुद्री सुरक्षा साझेदारी को मजबूत करना और समुद्री अपराध, समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध मछली पकड़ने जैसी चुनौतियों से निपटना।
- प्रमुख विशेषताएँ:
- स्थान: यह अभ्यास तंजानिया के दार-एस-सलाम में आयोजित होगा।
- समय: अप्रैल 2025 के मध्य में, उद्घाटन समारोह में भारत के रक्षा मंत्री शामिल होंगे।
- भागीदार देश: भारत और तंजानिया के अलावा कोमोरोस, जिबूती, इरिट्रिया, केन्या, मेडागास्कर, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका इस अभ्यास में भाग लेंगे।
- प्रमुख अभ्यास:
- एंटी-पायरेसी ऑपरेशन और सूचना साझा करने पर विशेष ध्यान।
- नाविक प्रशिक्षण और बोर्डिंग ऑपरेशन।
- वीबीएसएस (Visit, Board, Search, and Seizure) संचालन।
- समुद्री युद्ध कौशल, खोज और बचाव (SAR), छोटे हथियारों की फायरिंग, हेलीकॉप्टर संचालन।
रणनीतिक प्रभाव और महत्व
- IOR में भारत की नेतृत्वकारी भूमिका: इन पहलों से भारत अपनी सुरक्षा प्रदाता की भूमिका को और मजबूत करेगा।
- समुद्री सुरक्षा और व्यापार मार्गों की रक्षा: हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्गों को सुनिश्चित करना भारत और उसके साझेदार देशों के लिए महत्वपूर्ण है।
- भारत-अफ्रीका रक्षा सहयोग को बढ़ावा: अफ्रीकी देशों के साथ बढ़ते समुद्री सहयोग से सुरक्षा और व्यापारिक संबंधों को नया आयाम मिलेगा।
- क्षेत्रीय स्थिरता: इन अभियानों से समुद्री अपराध, मानव तस्करी, और अवैध मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों पर नियंत्रण करने में मदद मिलेगी।
IOS सागर और AIKEYME हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को बढ़ाने के साथ-साथ मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। ये पहलें भारत को हिंद महासागर में “नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर” के रूप में स्थापित करेंगी और भारत की SAGAR नीति को और मजबूती देंगी।