भारत अपनी समुद्री शक्ति को लगातार मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में आज स्वदेशी परमाणु बैलिस्टिक पनडुब्बी INS Aridaman को भारतीय नौसेना में शामिल किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण अवसर पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh पनडुब्बी को औपचारिक रूप से कमीशन करेंगे।
यह पनडुब्बी भारत की तीसरी स्वदेश में निर्मित परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) है, जो देश की समुद्री सुरक्षा और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने INS अरिदमन को नौसेना में शामिल करने से पहले एक्स पर एक पोस्ट किया है. इस पोस्ट में रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘शब्द नहीं शक्ति है, ‘अरिदमन’.
शब्द नहीं शक्ति है, ‘अरिदमन’!
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 3, 2026
स्वदेशी तकनीक और निर्माण
Larsen & Toubro (एलएंडटी) द्वारा निर्मित इस पनडुब्बी का निर्माण Visakhapatnam के सीक्रेट शिपबिल्डिंग सेंटर (SBC) में किया गया है। INS अरिदमन पिछले कई महीनों से समुद्री परीक्षणों से गुजर रही थी, जिन्हें सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
रणनीतिक महत्व
INS अरिदमन भारतीय नौसेना की परमाणु त्रि-आयामी निवारक क्षमता (Nuclear Triad) को मजबूत करेगी। यह Strategic Forces Command (SFC) के तहत काम करेगी और पहले से तैनात पनडुब्बियों के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा को और सशक्त बनाएगी।
अरिहंत क्लास की तीसरी पनडुब्बी
इससे पहले इसी श्रेणी की INS Arihant को 2016 में और INS Arighat को 2024 में नौसेना में शामिल किया गया था। अब INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की परमाणु पनडुब्बी क्षमता में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी होगी।
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