मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। तेहरान ने साफ कहा है कि यदि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ हार्मुज या तेल निर्यात के लिए अहम खार्ग द्वीप पर सैन्य कार्रवाई करता है, तो ईरान बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य को भी बंद कर सकता है।
यह जलडमरूमध्य हिंद महासागर को लाल सागर और स्वेज नहर से जोड़ता है और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद रणनीतिक माना जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पहले ही हार्मुज पर नियंत्रण सख्त कर चुका है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% गुजरता है। ईरान ने सीमित देशों—जिनमें भारत भी शामिल है—को ही यहां से जहाज ले जाने की अनुमति दी है।
ईरान का ‘Plan B’ क्या है?
एएफपी के मुताबिक, एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका जमीनी हमला करता है, तो बाब-अल-मंदेब को बंद कर “दूसरा मोर्चा” खोल दिया जाएगा। यह जलमार्ग यमन और जिबूती/इरिट्रिया के बीच स्थित है और एशिया-यूरोप व्यापार के लिए बेहद अहम है।
ईरान समर्थित हूती विद्रोही समूह पहले भी लाल सागर में जहाजों पर हमले कर चुके हैं, जिससे वैश्विक शिपिंग प्रभावित हुई थी।
संसद स्पीकर की चेतावनी
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने भी संकेत दिया कि दुश्मन देश किसी ईरानी द्वीप पर कब्जे की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे किसी भी कदम का जवाब लगातार हमलों से दिया जाएगा।
अमेरिका की सैन्य तैयारी
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 3000 सैनिक भेजने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका सीमित जमीनी ऑपरेशन पर विचार कर सकता है, जिसमें खार्ग द्वीप जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि हार्मुज और बाब-अल-मंदेब दोनों प्रभावित होते हैं, तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी उथल-पुथल मच सकती है।
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