अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एंटीफा (Antifa) को आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। बुधवार (17 सितंबर 2025) को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की। उन्होंने लिखा, “मुझे अमेरिका के लोगों को ये बताते हुए खुशी हो रही है कि मैं एंटीफा को आतंकी संगठन घोषित कर रहा हूँ। यह एक बीमार, खतरनाक, कट्टर अति-वामपंथी और बड़ा आतंकी संगठन है।” ट्रंप ने यह भी कहा कि एंटीफा को आर्थिक मदद करने वालों की कानूनी रूप से गहन जाँच होनी चाहिए।

हालाँकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप इस संगठन पर किस तरह रोक लगाएंगे, क्योंकि एंटीफा का न कोई औपचारिक नेतृत्वकर्ता है और न ही ठोस संगठनात्मक ढाँचा। इसकी यही ढीली संरचना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद ट्रंप ने संकेत दिए कि उनकी सरकार ऐसे कट्टरपंथी समूहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
क्या है एंटीफा?
‘एंटीफा’ शब्द एंटी-फासीस्ट से बना है। अमेरिका में यह एक ढीला-ढाला आंदोलन है, जिसमें फासीवाद विरोधी, अति-वामपंथी और उग्रवादी विचारधारा के लोग शामिल हैं। इनका कोई आधिकारिक दफ़्तर या नेतृत्व नहीं होता। एंटीफा के सदस्य नस्लभेद, नव-नाजी, नव-फासीवाद और श्वेत वर्चस्व का विरोध करते हैं। ये दक्षिणपंथी नेताओं और विचारधाराओं के आलोचक होते हैं और अक्सर उनकी सभाओं और रैलियों का विरोध करते हैं।
एंटीफा से जुड़े लोग लाल और काले झंडों का इस्तेमाल करते हैं, जिनकी प्रेरणा 1917 की रूसी क्रांति और 19वीं शताब्दी के अराजकतावाद से ली गई है। वे अक्सर सोशल मीडिया, एन्क्रिप्टेड नेटवर्क और मैसेजिंग सेवाओं के जरिए आपस में जुड़े रहते हैं। कई राज्यों में इनके सदस्य नियमित बैठकें भी करते हैं।
चार्ली किर्क की हत्या से जुड़ा मामला
10 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी और समर्थक चार्ली किर्क की हत्या यूटा वैली यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान कर दी गई थी। उन्हें गर्दन में गोली मारी गई थी। हत्या के आरोपित टायलर रॉबिन्सन का संबंध एंटीफा से जोड़ा जा रहा है। इस घटना ने अमेरिका में राजनीतिक हिंसा की बहस को और तेज कर दिया। ट्रंप ने किर्क की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए आरोपियों को किसी भी हाल में सजा दिलाने की बात कही थी।
व्हाइट हाउस के अधिकारियों के मुताबिक, एंटीफा को आतंकी संगठन घोषित करना उन कदमों में से एक है जो राष्ट्रपति वामपंथी संगठनों की हिंसा और अस्थिरता फैलाने की कोशिशों को रोकने के लिए उठा रहे हैं। हालाँकि, डेमोक्रेट्स ने इस कदम का विरोध किया है और आरोप लगाया कि ट्रंप असहमति और विरोधी विचारों पर नकेल कसने का बहाना बना रहे हैं।
पहले भी उठ चुकी है कोशिश
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी एंटीफा पर कार्रवाई करने की कोशिश की थी। 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद हुए प्रदर्शनों के दौरान उन्होंने एंटीफा को आतंकी संगठन घोषित करने का ऐलान किया था। उस समय एफबीआई निदेशक क्रिस्टोफर रे ने कहा था कि एंटीफा एक विचारधारा है, न कि कोई संगठित समूह, और आतंकी घोषित करने के लिए किसी संगठन का औपचारिक ढाँचा होना आवश्यक है।
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