जम्मू-कश्मीर में चलाए जा रहे नशामुक्त अभियान के तहत प्रशासन और पुलिस ने ड्रग तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले दो महीनों में 700 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया है। अभियान के दौरान न केवल ड्रग नेटवर्क पर शिकंजा कसा गया, बल्कि करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियों को भी जब्त और ध्वस्त किया गया है।
सोमवार (15 जून 2026) को अभियान की प्रगति की समीक्षा के दौरान मंडल आयुक्त रमेश कुमार और पुलिस महानिरीक्षक (IGP) जम्मू जोन भीम सेन ने अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। इस दौरान ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों को कड़ा संदेश देते हुए अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए।
598 FIR और 701 तस्कर गिरफ्तार
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार, नशे के कारोबार के खिलाफ पिछले दो महीनों में कुल 598 FIR दर्ज की गई हैं। इन मामलों में अब तक 701 ड्रग तस्करों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रशासन ने जम्मू क्षेत्र में ड्रग्स गतिविधियों से जुड़े 155 संवेदनशील हॉटस्पॉट की पहचान भी की है। इन क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि नशे के नए नेटवर्क को शुरुआती स्तर पर ही खत्म किया जा सके।
भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद
अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए हैं। अधिकारियों के अनुसार जब्त किए गए मादक पदार्थों में शामिल हैं:
- 14 किलोग्राम से अधिक हेरोइन
- 49 किलोग्राम गांजा
- 3,712 किलोग्राम चरस
- 204.5 किलोग्राम पोस्ता भूसा (Poppy Straw)
इन बरामदगियों को जम्मू-कश्मीर में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
ड्रग माफिया की करोड़ों की संपत्ति पर बुलडोजर
प्रशासन ने ड्रग तस्करी से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, ड्रग तस्करों की ₹19.30 करोड़ मूल्य की 62 अचल संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है।
इसके अलावा:
- ₹24.868 करोड़ मूल्य की 21 अचल संपत्तियाँ जब्त/अटैच की गईं
- ₹1.69 करोड़ मूल्य की चल संपत्तियाँ जब्त की गईं
कुल मिलाकर ₹45 करोड़ से अधिक की संपत्तियों पर कार्रवाई की गई है।
PIT-NDPS के तहत भी कार्रवाई
नशा तस्करी में शामिल सक्रिय अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाते हुए प्रशासन ने 24 PIT-NDPS डिटेंशन ऑर्डर भी जारी किए हैं। इन आदेशों के जरिए आदतन अपराधियों को लंबे समय तक हिरासत में रखने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अधिकारियों ने दिए सख्त निर्देश
मंडल आयुक्त रमेश कुमार ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिया कि ड्रग्स से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान डेटा आधारित तरीके से की जाए और नए उभरते हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जाए।
वहीं IGP भीम सेन ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ यह अभियान केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि समाज को बचाने का मिशन है। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
युवाओं को नशे से बचाने पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि नशा तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों की मदद से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन का दावा है कि आने वाले महीनों में इस अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा ताकि प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
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