जेपी नड्डा के इस वक्तव्य से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार और विस्तार कर रही है, जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
मुख्य बिंदु:
🔹 जनऔषधि केंद्रों से बचत
- देशभर में 15,000 जनऔषधि केंद्र कार्यरत हैं, जिन्हें 2 वर्षों में 25,000 तक बढ़ाया जाएगा।
- इन केंद्रों से गरीबों के 30,000 करोड़ रुपये बचे हैं।
- 225 विशेष दुकानें खोली गई हैं, जहां कैंसर समेत अन्य ब्रांडेड दवाएं 50% तक की छूट पर मिल रही हैं, जिससे 4.25 करोड़ लोगों को लाभ मिला है।
🔹 आयुष्मान भारत और डायलिसिस प्रोग्राम से राहत
- आयुष्मान भारत योजना और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों से गरीबों के 16,000 करोड़ रुपये बचे।
- प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम के तहत 1,575 केंद्रों में 26.49 लाख मरीजों को उपचार मिला और 3.17 करोड़ डायलिसिस सेशन हो चुके हैं।
🔹 टीबी और अन्य बीमारियों की रोकथाम
- टीबी मामलों में 17.7% कमी, मृत्यु दर में 21% गिरावट।
- 30 साल की उम्र से ब्लड प्रेशर व डायबिटीज जांच अनिवार्य, अब तक 100 करोड़ लोगों की ब्लड प्रेशर और 88.5 करोड़ लोगों की डायबिटीज स्क्रीनिंग।
🔹 कैंसर की रोकथाम और इलाज
- 176,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर में तीन तरह के कैंसर (ओरल, स्तन और सर्विक्स) की स्क्रीनिंग।
- 26.9 करोड़ ओरल कैंसर स्क्रीनिंग, 1.63 लाख मामलों का उपचार जारी।
- 14.6 करोड़ स्तन कैंसर स्क्रीनिंग, 57,000 मरीजों का उपचार।
- 9.04 करोड़ सर्विक्स कैंसर स्क्रीनिंग, 97,000 मामलों का इलाज।
- झज्जर (हरियाणा) में विश्व स्तरीय कैंसर संस्थान और कोलकाता के चितरंजन कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए 500 करोड़ रुपये।
🔹 वंशानुगत रोग (सिकल सेल) की रोकथाम
- 4.8 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग।
- 1.65 करोड़ लोगों को विशेष कार्ड जारी, जिससे शादी से पहले सिकल सेल रोग की संभावना देखी जा सकती है।
🔹 मेडिकल शिक्षा का विस्तार
- 157 नए मेडिकल कॉलेज खोले गए।
- मेडिकल सीटों की संख्या 1.11 लाख तक पहुंची, जल्द ही 75,000 और सीटें जोड़ी जाएंगी।
- 40,000 मेडिकल सीटें इस वर्ष जोड़ी गईं।
- 75 नए सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक खोले गए।
केंद्र सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और गरीबों को किफायती इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। आयुष्मान भारत, जनऔषधि केंद्र, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि, कैंसर और सिकल सेल की रोकथाम जैसी पहलों से आम नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है।