पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में मुख्य आरोपी सिया गोयल एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार मामला पुलिस जांच से ज्यादा उनके एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 17 सेकंड की क्लिप में सिया गोयल पुलिस के साथ अपने घर से बाहर निकलती दिखती हैं और इसी दौरान वह बाहर मौजूद मीडिया की ओर कथित तौर पर मिडिल फिंगर दिखाती नजर आती हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यह घटना पुणे के मार्केट यार्ड इलाके की बताई जा रही है, जहाँ पुलिस जांच के सिलसिले में सिया गोयल को उनके घर ले गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जांच के दौरान सिया के घर से वे कपड़े बरामद किए, जिन्हें कथित तौर पर घटना वाले दिन पहना गया था। इसी दौरान कैमरों के सामने उनके कथित आपत्तिजनक इशारे का वीडियो रिकॉर्ड हो गया।
क्या है केतन अग्रवाल मर्डर केस?
यह मामला 18 जून 2026 का है, जब पुणे के पास स्थित लोहगढ़ किले की खाई में गिरने से केतन अग्रवाल की मौत हो गई थी। शुरुआत में इसे एक दुर्घटना बताया गया था। सिया गोयल ने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि केतन का पैर फिसल गया था, जिसके बाद पहले हादसे के रूप में जांच शुरू हुई।
हालाँकि, बाद में पुलिस को सिया गोयल के बयान और व्यवहार पर संदेह हुआ। पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, जिसके बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि केतन अग्रवाल को लोहगढ़ किले से धक्का देकर गिराया गया था।
Pune, Maharashtra: Siya Goyal, accused in the Ketan Agarwal murder case, was taken by Pune Rural Police to her Market Yard residence for investigation. After the investigation was completed, while leaving the house, Siya Goyal allegedly made obscene gestures and showed the middle… pic.twitter.com/mHnQKlfRrq
— IANS (@ians_india) July 2, 2026
पुलिस को कैसे हुआ शक?
पुलिस जांच में कई ऐसी परिस्थितियाँ सामने आईं, जिनसे मामला दुर्घटना से हत्या की ओर मुड़ गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, केतन की मौत के बाद सिया के व्यवहार, मोबाइल फोन, CCTV फुटेज और घटनास्थल से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों ने जांच की दिशा बदल दी। रिपोर्ट में बताया गया है कि पुलिस इस केस में प्रत्यक्षदर्शी न होने के कारण फॉरेंसिक और डिजिटल सबूतों पर अधिक निर्भर कर रही है।
पुलिस अब पॉलीग्राफ टेस्ट और गेट एनालिसिस जैसी तकनीकों का भी सहारा लेने की तैयारी में है, ताकि आरोपियों की भूमिका और घटना के क्रम को और स्पष्ट किया जा सके।
प्रेम संबंध और साजिश का आरोप
पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और केतन अग्रवाल की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। जांच में यह आरोप सामने आया है कि सिया के कथित प्रेमी चेतन चौधरी को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
रिपोर्ट के अनुसार, FIR में केतन के पिता ने दावा किया है कि केतन को सिया और चेतन के संबंध को लेकर संदेह था। यही पहलू पुलिस जांच में अहम माना जा रहा है।
हत्या से पहले रिहर्सल का भी आरोप
जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है। पुलिस के अनुसार, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित हत्या से पहले एक रिहर्सल भी की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चेतन ने कथित तौर पर सिया को धक्का देने की प्रैक्टिस की थी, ताकि घटना के समय कोई चूक न हो।
पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है कि क्या हत्या को दुर्घटना दिखाने के लिए पहले से प्लानिंग की गई थी। मामले में CCTV, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल पुनर्निर्माण को अहम माना जा रहा है।
पहली कोशिश नाकाम रहने का दावा
पुलिस के अनुसार, 14 जून को भी केतन को नुकसान पहुँचाने की कथित कोशिश की गई थी। आरोप है कि सिया ने किले के पास उन्हें धक्का दिया, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गए। इसके बाद कथित तौर पर घटना को सामान्य दिखाने की कोशिश की गई।
कुछ दिनों बाद केतन को दोबारा लोहगढ़ किले पर बुलाया गया, जहाँ चेतन चौधरी पहले से मौजूद था। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान दोनों ने पीछे से धक्का देकर केतन को खाई में गिराया, जिससे उनकी मौत हो गई।
कोर्ट ने पुलिस रिमांड से इनकार किया
मामले में ताजा अपडेट के अनुसार, वडगांव मावल कोर्ट ने पुणे पुलिस की पुलिस कस्टडी की मांग खारिज कर दी और सिया गोयल व चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पुलिस के लिए झटका माना जा रहा है, क्योंकि अब आगे की जांच उपलब्ध सबूतों और अदालत की अनुमति वाली प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगी।
पुलिस मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य, गेट एनालिसिस, पॉलीग्राफ टेस्ट और घटनास्थल पुनर्निर्माण जैसे पहलुओं पर आगे काम कर रही है।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
सिया गोयल का कथित मिडिल फिंगर वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे पीड़ित परिवार के प्रति असंवेदनशील व्यवहार बता रहे हैं, जबकि कानूनी रूप से यह मामला अभी जांच और अदालत की प्रक्रिया के अधीन है।
पुलिस के लिए अब चुनौती यह है कि बिना प्रत्यक्षदर्शी वाले इस केस में ठोस वैज्ञानिक और डिजिटल सबूतों के आधार पर पूरी घटना की कड़ी जोड़ी जाए। फिलहाल सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों आरोपी हैं और अदालत में आरोप साबित होना बाकी है।
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