लोकसभा में बुधवार (2 अप्रैल 2025) को वक्फ संशोधन विधेयक पेश करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि यह विधेयक किसी मजहब के खिलाफ नहीं है, बल्कि अन्यायपूर्ण संपत्ति हड़पने के प्रावधानों को समाप्त करने के लिए लाया गया है।
सरकार का रुख और बिल के मुख्य प्रावधान
✅ गैर-मुस्लिम वक्फ बोर्ड में क्यों नहीं?
रिजिजू ने सवाल उठाने वालों को जवाब दिया कि वक्फ बोर्ड का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है, और राज्य सरकारों को संपत्ति के प्रबंधन का अधिकार दिया गया है।
✅ मस्जिदों को सरकार जब्त करेगी?
उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी संपत्ति जो पहले से वक्फ बोर्ड में पंजीकृत है, उसमें सरकार कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। केवल विवादित संपत्तियों पर कानूनी प्रक्रिया के तहत निर्णय होगा।
✅ CAA से तुलना:
उन्होंने याद दिलाया कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भी अफवाहें फैलाई गई थीं कि इससे मुस्लिमों की नागरिकता छीन जाएगी, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
✅ महिलाओं और बच्चों के अधिकार सुरक्षित:
अब वक्फ तभी क्रिएट होगा जब महिलाओं और बच्चों के अधिकार सुरक्षित होंगे। पहले कई बार परिवार की सहमति के बिना जमीन वक्फ संपत्ति घोषित कर दी जाती थी।
✅ विवादित वक्फ संपत्तियों की जांच:
JPC (संयुक्त संसदीय समिति) की सिफारिश पर अब कलेक्टर से ऊपर के अधिकारियों को विवादित संपत्तियों की जांच का अधिकार दिया गया है।
✅ अनुसूचित जनजाति की संपत्ति संरक्षित:
आदिवासी समाज को सुरक्षा देने के लिए एसटी समुदाय की जमीन को वक्फ में शामिल करने पर रोक लगाई गई है।
✅ वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार:
पहले वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती थी, लेकिन अब कोर्ट में अपील की जा सकेगी।
✅ धारा-40 (Section 40) हटाई गई:
इस धारा के तहत वक्फ बोर्ड को किसी भी संपत्ति को अपनी घोषित करने का अधिकार था, जिससे कई मंदिर, चर्च और गुरुद्वारे भी प्रभावित हुए।
#live। 2006 में 4.9 लाख वक्फ प्रॉपर्टी थी, जिसकी इनकम 163 करोड़ रुपये थी। 2013 में बदलाव के बाद आज इनकम 166 करोड़ रुपये इनकम हो गई। @KirenRijiju#WaqfBoard #WaqfAmendmentBill #Budget2025@mygovindia @LokSabhaSectt pic.twitter.com/WRzZFR6H7y
— SansadTV (@sansad_tv) April 2, 2025
धर्मस्थलों की ज़मीन की वापसी
🔹 तमिलनाडु के तिरुचांदुराई स्थित 1500 साल पुराने मंदिर की ज़मीन
🔹 हरियाणा के यमुनानगर में स्थित एक गुरुद्वारे की संपत्ति
🔹 केरल में 600 ईसाई परिवारों की ज़मीन, जिसे वक्फ संपत्ति घोषित किया गया था
ईसाई समुदाय की मांग और विपक्ष को चेतावनी
रिजिजू ने कहा कि पूरा ईसाई समुदाय और चर्च इस बिल के समर्थन में हैं, क्योंकि सेक्शन-40 का दुरुपयोग उनकी संपत्तियों के खिलाफ हुआ था। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि केरल के ईसाई इस बिल का विरोध करने वालों को माफ नहीं करेंगे।
रिजिजू का भावनात्मक संबोधन
उन्होंने अंत में प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि उनकी सरकार को यह पवित्र कार्य करने का अवसर मिला है। इसके साथ ही उन्होंने शेर पढ़ा:
“मेरी हिम्मत को तो सराहो, मेरे हमराही बनो
मैंने एक शमाँ जलाई है हवाओं के खिलाफ।”
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 में धार्मिक स्थलों की जबरन ज़मीन हड़पने पर रोक, विवादित संपत्तियों पर कानूनी प्रक्रिया और आदिवासी व महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के प्रावधान हैं। विपक्ष इस पर राजनीति कर रहा है, लेकिन सरकार इसे एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में देख रही है।