इलाहाबाद हाई कोर्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा की नियुक्ति का विरोध, वकीलों ने की हड़ताल
दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्थानांतरण का विरोध तेज हो गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के वकीलों ने आज से हड़ताल शुरू कर दी और हाई कोर्ट परिसर के सामने प्रदर्शन किया। वकीलों का कहना है कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे किसी भी जज को इलाहाबाद हाई कोर्ट नहीं भेजा जाना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
🔹 सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद हाई कोर्ट में भेजने की सिफारिश की थी।
🔹 इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने इसका पुरजोर विरोध किया और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) से उनके तबादले को रोकने की अपील की।
🔹 बार एसोसिएशन ने केंद्र सरकार और CJI से जस्टिस वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग भी की।
#WATCH | Uttar Pradesh: Allahabad High Court Lawyers hold protest over the transfer of Delhi High Court judge Justice Yashwant Varma to Allahabad High Court pic.twitter.com/OFjxymypsr
— ANI (@ANI) March 25, 2025
क्यों हो रहा है विरोध?
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
1️⃣ आगजनी और जले हुए नोटों का मामला:
- कुछ समय पहले दिल्ली में जस्टिस यशवंत वर्मा के घर में आग लग गई थी।
- उस वक्त वह घर पर मौजूद नहीं थे।
- पुलिस और दमकलकर्मियों ने आग बुझाई, लेकिन बाद में कथित रूप से बड़ी संख्या में जले हुए नोट बरामद हुए।
- हालांकि, दिल्ली फायर सर्विस के चीफ ने बयान दिया कि आग बुझाने के दौरान कोई कैश नहीं मिला।
- लेकिन बाद में जज के घर के बाहर जले हुए नोट मिलने की खबर आई।
2️⃣ बार एसोसिएशन का कड़ा रुख:
- इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने जनरल बॉडी मीटिंग में 11 प्रस्ताव पारित किए।
- इनमें सबसे प्रमुख था – जस्टिस वर्मा का ट्रांसफर रोका जाए और उनके खिलाफ जांच हो।
- “इलाहाबाद हाई कोर्ट कोई डंपिंग ग्राउंड नहीं है”, वकीलों ने यह नाराजगी जताई।
अब आगे क्या?
📌 वकीलों की हड़ताल और विरोध को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम और केंद्र सरकार को इस मामले पर जल्द निर्णय लेना होगा।
📌 क्या जस्टिस वर्मा का तबादला रोका जाएगा या नहीं, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन का यह सख्त रुख दिखाता है कि वकील जस्टिस वर्मा के खिलाफ लगे आरोपों को गंभीरता से ले रहे हैं और उनकी नियुक्ति को स्वीकार करने के मूड में नहीं हैं।