देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET 2026 को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के लातूर स्थित रेणुकाई करियर सेंटर (RCC) के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगाँवकर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगाँवकर ने परीक्षा से चार दिन पहले छात्रों को एक ऐसा सवाल लिखवाया था, जो बाद में NEET परीक्षा में हूबहू पूछा गया।
CBI की जांच में सामने आया है कि यह मामला केवल एक सवाल तक सीमित नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक इस मामले में 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
‘भगवान विट्ठल सपने में आए थे’, छात्रों को सुनाई थी कहानी
जांच के अनुसार, 29 अप्रैल 2026 को RCC में आयोजित एक क्लास के दौरान शिवराज मोटेगाँवकर ने छात्रों से कहा कि पिछली रात उन्हें भगवान विट्ठल सपने में दिखाई दिए थे।
बताया जाता है कि उन्होंने छात्रों से कहा,
“भगवान विट्ठल ने बताया है कि तुम सभी मेहनत कर रहे हो, इसलिए मैं एक ऐसा सवाल बताता हूँ जो NEET परीक्षा में जरूर आएगा।”
इसके बाद उन्होंने छात्रों को एक केमिस्ट्री का सवाल लिखवाया और उसे विशेष रूप से याद रखने की सलाह दी। जब 3 मई 2026 को NEET परीक्षा आयोजित हुई तो वही सवाल प्रश्नपत्र में शामिल पाया गया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जांच एजेंसियों की नजर RCC पर गई।
CBI ने RCC संचालक को किया गिरफ्तार
पेपर लीक मामले की जांच कर रही CBI ने शिवराज मोटेगाँवकर को गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने केमिस्ट्री पेपर तक अवैध पहुँच हासिल कर उसे लीक करने में भूमिका निभाई।
हालाँकि, इस पूरे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) लगातार यह दावा कर रही है कि NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित रही।
बेटे को टॉप रैंक दिलाने की थी कोशिश?
कोचिंग जगत से जुड़े सूत्रों का दावा है कि शिवराज मोटेगाँवकर अपने बेटे को NEET में शीर्ष रैंक दिलाना चाहते थे। उनका बेटा भी इस वर्ष परीक्षा में शामिल हुआ था।
रिपोर्ट्स के अनुसार, मोटेगाँवकर के बेटे को परीक्षा में 720 में से 704 अंक प्राप्त हुए हैं। जांच एजेंसियाँ अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि क्या प्रश्नपत्र लीक का लाभ किसी विशेष छात्र या समूह को पहुँचाया गया था।
NTA पैनल के सदस्यों के नाम भी जांच के दायरे में
CBI जांच में NTA के पेपर सेटिंग और प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया से जुड़े कुछ नाम भी सामने आए हैं। जांच एजेंसी ने पीवी कुलकर्णी, मनीषा माँढरे और मनीषा हवलदार सहित कई व्यक्तियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का मानना है कि प्रश्नपत्र लीक का यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक और सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।
देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता
NEET देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षा मानी जाती है, जिसमें हर वर्ष लाखों छात्र भाग लेते हैं। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा करेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी होगी।
फिलहाल CBI मामले की गहन जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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