2022 के चर्चित मंगलुरु कुकर ब्लास्ट मामले में बड़ा मोड़ आया है। आरोपी मोहम्मद शारिक ने बेंगलुरु की विशेष अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। कोर्ट ने उसकी याचिका स्वीकार करते हुए मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ कर दिया है।
सुनियोजित साजिश का हुआ खुलासा
आरोपी के कबूलनामे से यह स्पष्ट हुआ है कि धमाका एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था और इसका निशाना धार्मिक स्थलों के आसपास के इलाके थे।
शुरुआत में शारिक ने खुद को निर्दोष बताया था, लेकिन दिसंबर 2025 में उसने CrPC की धारा 229 के तहत नई अर्जी दाखिल कर अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
Mohammed Shariq, the accused in the Mangaluru bomb blast case, has pleaded guilty and admitted that the attack was pre-planned and targeted areas near Hindu temples.
Despite this, certain Congress politicians, under the guise of defending Muslim youth, had earlier downplayed the…
— Girish Bharadwaj (@Girishvhp) March 30, 2026
राजनीतिक बयानबाजी पर फिर उठा सवाल
इस मामले में पहले कई राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं। डी.के. शिवकुमार ने 2022 में इस घटना को लेकर सवाल उठाते हुए इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए जाने का आरोप लगाया था।
उन्होंने कहा था कि यह घटना राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल की जा रही है और इसे आतंकवादी घटना के रूप में पेश करना सही नहीं है।
कुकर बम आरोपी की गोद में ही फटा था
जानकारी के अनुसार, 19 नवंबर 2022 को आरोपी शारिक एक ऑटो रिक्शा में करीब 3 किलो विस्फोटक कुकर में भरकर ले जा रहा था। टाइमर में गड़बड़ी के कारण बम उसकी गोद में ही फट गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया।
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
आतंकी संगठन से जुड़े होने के आरोप
NIA की जांच में सामने आया कि शारिक कथित रूप से इस्लामिक स्टेट के शिवमोग्गा मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था। वह पहले भी शिवमोग्गा में IED टेस्टिंग और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा था।
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