NEET पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित CJP (Campaign for Justice Platform) के विरोध प्रदर्शन को लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में नाबालिग बच्चों की मौजूदगी को लेकर वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने गंभीर आपत्ति जताते हुए CJP के आयोजकों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की है।
वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने दिल्ली पुलिस में जीरो FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी है। शिकायत में CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके, सौरव दास और प्रदर्शन के अन्य आयोजकों के खिलाफ POCSO एक्ट की धारा 13, 14 और 15 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 153 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
12 साल की बच्ची को प्रदर्शन में लाने पर उठाए सवाल
रिंकी चटर्जी सिंह का कहना है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक 12 वर्षीय बच्ची को भी विरोध प्रदर्शन में शामिल किया गया था। उनके अनुसार, जिस उम्र में बच्चों को सुरक्षा और संरक्षण की आवश्यकता होती है, उस उम्र में उन्हें ऐसे आंदोलन का हिस्सा बनाना गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई हुई और बच्चों के घायल होने का दावा किया गया, तो सबसे पहले यह जवाब देना चाहिए कि नाबालिग बच्चों को वहां लेकर कौन गया और किसकी अनुमति से उन्हें प्रदर्शन का हिस्सा बनाया गया।
#WATCH | Siliguri, West Bengal: On submitting a complaint for registration of a Zero FIR against Saurav Das, Abhijeet Dipke, and CJP organisers under sections of the POCSO Act, Advocate Rinki Chatterjee Singh says, "The FIR was filed over an incident at Jantar Mantar on July 20,… pic.twitter.com/N0GuAenHkH
— ANI (@ANI) August 5, 2026
PM मोदी से माफी की मांग वाले वीडियो का भी जिक्र
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रदर्शन के बाद CJP के आयोजकों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग की थी। उनका दावा था कि प्रदर्शन के दौरान नाबालिग बच्चियों के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज हुआ।
रिंकी चटर्जी सिंह का कहना है कि यदि वास्तव में ऐसी स्थिति थी, तो बच्चों को प्रदर्शन स्थल पर ले जाने की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
फंडिंग को लेकर भी उठाए सवाल
वकील ने प्रदर्शन की फंडिंग को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की कि यह जांच होनी चाहिए कि विरोध प्रदर्शन के लिए आर्थिक सहायता कहां से आई और इसके पीछे कौन लोग या संगठन शामिल थे। शिकायत में उन्होंने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है।
पहले भी उठ चुके हैं सवाल
जंतर-मंतर पर हुए इस प्रदर्शन के दौरान नाबालिग बच्चों की मौजूदगी को लेकर पहले भी सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर सवाल उठाए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने उस समय आरोप लगाया था कि पुलिस कार्रवाई में कई बच्चे घायल हुए थे। अब इसी मुद्दे को आधार बनाते हुए आयोजकों की भूमिका पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल इस शिकायत पर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले में जांच और आगे की कार्रवाई संबंधित एजेंसियों के निर्णय पर निर्भर करेगी।
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