उत्तर प्रदेश के Noida में धर्मांतरण और उत्पीड़न से जुड़े मामले में पुलिस की लापरवाही पर बड़ा एक्शन लिया गया है। Uttar Pradesh Police ने थाना फेज-3 के SHO पुनीत कुमार और सब-इंस्पेक्टर प्रीति गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं ACP उमेश यादव के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है।
इसके अलावा DCP सेंट्रल नोएडा शक्ति मोहन अवस्थी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
क्या है पूरा मामला?
मामला मध्य प्रदेश की 24 वर्षीय युवती से जुड़ा है, जो नोएडा में नौकरी करती थी। उसकी इंस्टाग्राम के जरिए विकास कुमार नाम के युवक से दोस्ती हुई, जो बाद में लिव-इन रिलेशनशिप में बदल गई।
https://twitter.com/MamtaTripathi80/status/2034560624223727619
पीड़िता के अनुसार, युवक ने शादी का झांसा देकर संबंध बनाए और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए। बाद में खुलासा हुआ कि उसकी असली पहचान मोहम्मद रमीज है।
आरोप है कि आरोपी ने:
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धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया
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अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी
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करीब 2.5 लाख रुपये और गहने ठग लिए
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
पीड़िता का आरोप है कि उसने 27 फरवरी 2026 को शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने उसे कई बार थाने से लौटा दिया। बाद में विरोध प्रदर्शन के बाद केस दर्ज किया गया।
शुरुआत में मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 351 और 308 के तहत दर्ज हुआ।
हालांकि जांच में सामने आया कि पुलिस ने:
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उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धारा 5(3)
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SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v)
नहीं लगाईं, जबकि पीड़िता ने इनसे जुड़े आरोप लगाए थे।
प्रशासन पर बढ़ा दबाव
इस मामले को लेकर थाना फेज-3 का 15 दिनों में दो बार घेराव हुआ, जिससे पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया।
अब पूरे मामले की जांच ADCP स्तर के अधिकारी को सौंप दी गई है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
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