अमेरिका ने अवैध रूप से प्रवेश करने वाले कई भारतीयों को डिपोर्ट कर भारत भेज दिया है। इनमें से 54 व्यक्ति अकेले हरियाणा के हैं, जिनकी उम्र 25–40 साल के बीच बताई गई है। ये सभी डंकी रूट से अमेरिका गए थे और रविवार, 26 अक्टूबर को दिल्ली पहुंची एक फ्लाइट के जरिए देश वापिस लौटे। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार हरियाणा के 54 युवकों में करनाल के 16, कैथल के 15, अंबाला के 5, यमुनानगर के 4, कुरुक्षेत्र के 4, जींद के 3, सोनीपत के 2 और पंचकूला, पानीपत, रोहतक व फतेहाबाद के 1-1 युवक शामिल थे।
वापस आए युवकों ने बताया कि उन्होंने भारत में अपनी सम्पत्ति बेचकर और कर्ज लेकर अमेरिका जाने के लिए पैसों का इंतज़ाम किया था। करनाल का एक 26 वर्षीय युवक बताता है कि उसने अक्टूबर 2022 में करीब 29 लाख रुपये खर्च कर डंकी रूट से अमेरिका पहुंचा था; वहां पहुंचने में उसे करीब चार महीने लगे. वह जिन रास्तों से गया, उनमें साउथ अमेरिका शामिल था। फरवरी तक सब ठीक रहने के बाद उसे जॉर्जिया में एक शराब की दुकान पर काम करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया और फिर उसे कैंप में रखा गया; 24 अक्टूबर को उसे भारत भेज दिया गया।
कुछ परिवारों ने अपने सदस्यों को भेजने के लिए जमीन तक बेच दी। करनाल के एक अन्य युवक के परिजन ने बताया कि परिवार ने एजेंट्स को 45 लाख रुपये दिए और तीन एकड़ जमीन बेचकर पैसे जुटाए थे, परन्तु पहुंचने के बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। कैथल के एक युवक ने कहा कि उसे एजेंटों ने धोखा दिया — उसने ब्राजील होते हुए जाना था और एजेंटों से 57 लाख रुपये लिए गए; बाद में उनसे वापसी के पैसे का वादा पूरा नहीं किया गया। कई युवाओं ने कर्ज, ब्याज और जमीन तक बेचकर पैसे जुटाए होने की बात बताई।
विशेष रूप से ध्यान देने वाली बात है कि फरवरी 2025 से लेकर सितंबर 2025 के बीच विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक कुल 2,417 भारतीय नागरिकों को अमेरिका से डिपोर्ट किया गया। डोनाल्ड ट्रम्प के पुन: राष्ट्रपति बनने के बाद अवैध अप्रवासियों पर कड़ी कार्रवाई बढ़ी है और कई भारतीयों वाली फ्लाइटें पहले भी भारत आ चुकी हैं।
हरियाणा पुलिस और प्रशासन ने कहा है कि वे युवकों को फंसाने वाले एजेंटों पर नजर रख रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की है कि विदेश जाने के लिए केवल कानूनी और वैध रास्ते अपनाएँ, क्योंकि डंकी रूट या अवैध मार्ग से जाने पर केवल जोखिम, गिरफ्तारी और भारी आर्थिक नुकसान ही होगा।
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