थाईलैंड में आए भूकंप से हुई जनहानि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि भारत इस संकट की घड़ी में थाईलैंड के साथ खड़ा है और घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।
#WATCH | Bangkok, Thailand: PM Narendra Modi says, "I am excited to participate in BIMSTEC Summit tomorrow. Under the leadership of Thailand, regional cooperation has received a new speed in this forum. For this, we thank the PM and her team and express our regards…" pic.twitter.com/nGkz0C38vI
— ANI (@ANI) April 3, 2025
भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत और थाईलैंड के सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि:
🔹 बौद्ध धर्म के प्रसार ने दोनों देशों को जोड़ा है।
🔹 अयोध्या से नालंदा तक विद्वानों का आदान-प्रदान हुआ है।
🔹 रामायण की कथा थाई लोगों के जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
🔹 संस्कृत और पाली भाषा का प्रभाव आज भी थाई संस्कृति में झलकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि उनकी यात्रा के उपलक्ष्य में थाई सरकार ने 18वीं शताब्दी की रामायण म्यूरल पेंटिंग पर आधारित विशेष डाक टिकट जारी किया। इसके अलावा, थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने पीएम मोदी को तिपिटक (बौद्ध ग्रंथों का संग्रह) भेंट किया।
PM Narendra Modi tweets, "Had a very fruitful meeting with Prime Minister Paetongtarn Shinawatra in Bangkok a short while ago. Expressed gratitude to the people and Government of Thailand for the warm welcome and also expressed solidarity with the people of Thailand in the… pic.twitter.com/Q0kX4kOykM
— ANI (@ANI) April 3, 2025
रणनीतिक साझेदारी में बदलेगा भारत-थाईलैंड संबंध
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की “एक्ट ईस्ट पॉलिसी” और इंडो-पैसिफिक रणनीति में थाईलैंड का विशेष स्थान है। भारत और थाईलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने का निर्णय लिया है।
🔹 सुरक्षा एजेंसियों के बीच रणनीतिक वार्ता स्थापित करने पर चर्चा हुई।
🔹 साइबर क्राइम के शिकार भारतीयों को वापस लाने में थाईलैंड सरकार के सहयोग की सराहना की गई।
🔹 व्यापार, रक्षा, संस्कृति और डिजिटल सहयोग को मजबूत करने के लिए कई समझौतों (MoUs) का आदान-प्रदान हुआ।
भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी को कैसे मजबूत करेगा यह कदम?
यह रणनीतिक साझेदारी आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को और गहरा करेगी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की मजबूत उपस्थिति को दर्शाएगी। साथ ही, भारत और थाईलैंड के बीच बौद्ध पर्यटन, व्यापार और रक्षा क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर खुलेंगे।