प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड में हैं, जहां वह छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। बैंकॉक पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात
- पीएम मोदी ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के इतर म्यांमार के वरिष्ठ जनरल महामहिम मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की।
- उन्होंने हाल ही में म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप में हुई जानमाल की क्षति पर संवेदना व्यक्त की।
- भारत इस कठिन समय में म्यांमार की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
पीएम मोदी का बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा:
“बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन से इतर म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। हाल ही में आए भूकंप के कारण हुई जानमाल की हानि पर एक बार फिर संवेदना व्यक्त की। भारत इस कठिन समय में म्यांमार के अपने भाइयों और बहनों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।”
Met Senior General Min Aung Hlaing of Myanmar on the sidelines of the BIMSTEC Summit in Bangkok. Once again expressed condolences on the loss of lives and damage of property in the wake of the recent earthquake. India is doing whatever is possible to assist our sisters and… pic.twitter.com/Hwwv4VxSpi
— Narendra Modi (@narendramodi) April 4, 2025
भारत-म्यांमार द्विपक्षीय वार्ता
- भारत और म्यांमार के द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई।
- कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
म्यांमार में आए भूकंप से भारी तबाही
- बीते सप्ताह शुक्रवार को म्यांमार में 7.2 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया।
- 3,000 से अधिक लोग मारे गए, 4,000 से अधिक घायल हुए।
- भूकंप से इमारतें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे क्षतिग्रस्त हुए।
- भारत ने तत्काल राहत सामग्री भेजी और सहायता अभियान में योगदान दिया।
भूकंप के बाद पीएम मोदी की प्रतिक्रिया
- पीएम मोदी ने भूकंप के तुरंत बाद म्यांमार के जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की।
- उन्होंने कहा:
“एक करीबी दोस्त और पड़ोसी के रूप में, भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है।”
प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और पड़ोसी देशों के साथ मजबूत कूटनीतिक संबंधों की दिशा में महत्वपूर्ण है। बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी, म्यांमार को समर्थन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पर जोर देना भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को दर्शाता है।