प्रधानमंत्री Narendra Modi ने महिलाओं के लिए विधायी निकायों में आरक्षण को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ‘नारी शक्ति’ को संबोधित एक पत्र साझा करते हुए इस ऐतिहासिक पहल को जल्द साकार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देशभर की महिलाएं—माताएं, बहनें और बेटियां—महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के इस निर्णय का स्वागत कर रही हैं। उन्होंने इसे दशकों से लंबित एक महत्वपूर्ण वादा बताया, जिसे पूरा करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
देशभर की हमारी माताएं-बहनें और बेटियां, साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के निर्णय की सराहना कर रही हैं।
भारत की नारी शक्ति को समर्पित अपने इस पत्र में मैंने दशकों से लंबित इस संकल्प को जल्द साकार करने के विषय में देशवासियों के साथ अपनी भावनाएं… pic.twitter.com/ybUGJj8Vtk
— Narendra Modi (@narendramodi) April 14, 2026
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों से महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिलना सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि यह कदम देश की लोकतांत्रिक संरचना को और मजबूत करेगा और महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
प्रधानमंत्री ने ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण की अहम शक्ति बताते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह पहल देश में सामाजिक और राजनीतिक समानता को और मजबूती देगी।
दो शब्दों संदेश के
Narendra Modi का यह संदेश “महिला सशक्तिकरण से लोकतंत्र को मजबूत करने” की दिशा में एक स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- महिलाओं को विधायी निकायों में आरक्षण देना केवल प्रतिनिधित्व बढ़ाने का कदम नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक समानता को मजबूत करने की पहल है।
- यह निर्णय दशकों से लंबित मांग को पूरा करते हुए महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर देगा।
- ‘नारी शक्ति’ को राष्ट्र निर्माण की केंद्रीय शक्ति मानते हुए उन्हें नेतृत्व की भूमिका में लाने पर जोर दिया गया है।
“यह पहल दर्शाती है कि विकसित और समावेशी भारत के निर्माण के लिए महिलाओं की बराबर भागीदारी और नेतृत्व अनिवार्य है।”
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