प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी BIMSTEC शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए थाईलैंड की दो दिवसीय यात्रा पर पहुँचे। उनकी इस यात्रा का मकसद बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाना और भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है।
थाईलैंड में भारतीय समुदाय का भव्य स्वागत
📌 बैंकॉक एयरपोर्ट पर थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं परिवहन मंत्री सूर्या जुंगरुंगरेंगकिट ने पीएम मोदी का स्वागत किया।
📌 होटल पहुँचने पर भारतीय प्रवासियों और भारतीय समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक ‘मोदी-मोदी’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ स्वागत किया।
📌 पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय से संवाद कर भारत और थाईलैंड के सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।
Landed in Bangkok, Thailand.
Looking forward to participating in the upcoming official engagements and strengthening the bonds of cooperation between India and Thailand. pic.twitter.com/cGzkyJzu8o
— Narendra Modi (@narendramodi) April 3, 2025
थाईलैंड की ऐतिहासिक रामायण ‘रामाकियेन’ का प्रदर्शन देखा
📌 थाईलैंड में रामायण का विशेष स्थान – यहाँ रामायण को “रामाकियेन” के रूप में जाना जाता है।
📌 पीएम मोदी ने कहा – “रामायण पूरे एशिया में दिलों और परंपराओं को जोड़ने का काम करती है। यह भारत और थाईलैंड के साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित करती है।”
📌 थाईलैंड के छात्रों ने भरतनाट्यम और थाई पारंपरिक नृत्य ‘खोन’ के माध्यम से रामाकियेन का प्रदर्शन किया।
📌 थाईलैंड सरकार ने रामायण पर विशेष डाक टिकट जारी किया, जिसे पीएम मोदी ने सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत मिसाल बताया।
#WATCH | Bangkok, Thailand | PM Narendra Modi witnesses the Thai version of the Ramayana, Ramakien.
(Source – DD/ANI) pic.twitter.com/ePnxBylJYd
— ANI (@ANI) April 3, 2025
पीएम मोदी और थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा की वार्ता
📌 प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा से मुलाकात की और भारत-थाईलैंड संबंधों को लेकर गहन चर्चा की।
📌 प्रमुख मुद्दे:
- व्यापार और निवेश सहयोग
- संरचना विकास
- आतंकवाद और समुद्री सुरक्षा
- सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र में सहयोग
‘वात फो मंदिर’ की संभावित यात्रा
📌 पीएम मोदी थाईलैंड के सबसे प्राचीन बौद्ध मंदिरों में से एक ‘वात फो मंदिर’ भी जा सकते हैं।
📌 यह बैंकॉक में स्थित है और इसमें भगवान बुद्ध की विशाल लेटी हुई प्रतिमा है।
📌 सम्राट अशोक के समय में भारतीय बौद्ध भिक्षु थाईलैंड में भगवान बुद्ध की शिक्षाएँ लेकर गए थे, जिससे वहाँ बौद्ध धर्म का प्रसार हुआ।
A cultural connect like no other!
Witnessed a captivating performance of the Thai Ramayana, Ramakien. It was a truly enriching experience that beautifully showcased the shared cultural and civilisational ties between India and Thailand.
The Ramayana truly continues to connect… pic.twitter.com/wCoea0xCo1
— Narendra Modi (@narendramodi) April 3, 2025
BIMSTEC शिखर सम्मेलन: क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती
📌 BIMSTEC (Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation) एक क्षेत्रीय संगठन है जिसमें भारत, थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान शामिल हैं।
📌 शुक्रवार (4 अप्रैल) को पीएम मोदी इन देशों के नेताओं के साथ वार्ता करेंगे और क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
📌 चर्चा के मुख्य बिंदु:
- व्यापार एवं आर्थिक सहयोग
- सुरक्षा और आतंकवाद-रोधक उपाय
- संपर्क परियोजनाएँ (Connectivity Projects)
- नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy) और जलवायु परिवर्तन
As PM Modi visits Thailand, the country releases a special stamp based on #Ramayan mural paintings from the 18th century. pic.twitter.com/lcFg1ta9ow
— Nishant Azad/निशांत आज़ाद🇮🇳 (@azad_nishant) April 3, 2025
भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक संबंध
📌 भारत और थाईलैंड के संबंध लगभग 2000 साल पुराने हैं।
📌 रामायण और बौद्ध धर्म भारत से थाईलैंड पहुँचा, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव गहरा हुआ।
📌 थाईलैंड में भगवान राम को “फ्रा राम” कहा जाता है।
📌 भारतीय ग्रंथों में थाईलैंड को “स्वर्णभूमि” कहा गया है, जो उसकी समृद्धि का प्रतीक है।
निष्कर्ष
✅ पीएम मोदी की थाईलैंड यात्रा भारत के लिए कूटनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है।
✅ BIMSTEC शिखर सम्मेलन से व्यापार, सुरक्षा और कनेक्टिविटी पर बड़े समझौते हो सकते हैं।
✅ भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूती मिलेगी।
✅ रामायण और बौद्ध धर्म जैसे सांस्कृतिक तत्व भारत और थाईलैंड के संबंधों की बुनियाद हैं।