नए पंबन ब्रिज का उद्घाटन रामनवमी के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया जाना एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक क्षण होगा। यह पुल न केवल रामेश्वरम को तमिलनाडु की मुख्य भूमि से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन और अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।
प्रमुख विशेषताएँ:
- यह देश का पहला वर्टिकल लिफ्ट सी ब्रिज है और दुनिया में इस तरह का दूसरा पुल।
- 2.8 किमी लंबा यह पुल 535 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है।
- मौजूदा पुल की तुलना में 3 मीटर ऊँचा और समुद्र तल से 22 मीटर ऊँचाई पर स्थित है।
- रेलगाड़ियों की स्पीड और मालवाहक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगा।
- धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, क्योंकि यह रामेश्वरम और धनुषकोडी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और धार्मिक महत्व:
धनुषकोडी, जिसे भगवान राम से जुड़ा हुआ माना जाता है, भारतीय पौराणिक कथाओं और रामायण का एक महत्वपूर्ण स्थल है। यह श्रीलंका से सिर्फ 20 किमी दूर स्थित है, और इसी क्षेत्र में रामसेतु (एडम्स ब्रिज) का एक छोर मौजूद है।
रेलवे की योजना:
रेलवे ने रामेश्वरम से धनुषकोडी तक 18 किमी लंबी रेल लाइन को दोबारा शुरू करने की योजना बनाई है, जो 1964 के साइक्लोन में नष्ट हो गई थी।
इस परियोजना के पूरा होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह भारत की रेलवे अधोसंरचना में एक नया तकनीकी मील का पत्थर होगा।