रायपुर की एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल से धर्मांतरण के कथित दबाव का मामला सामने आने के बाद विवाद गहरा गया है। स्कूल में वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें वेतन और पीएफ रोकने की धमकी देकर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
पीड़ित कर्मचारियों का कहना है कि वे दशकों से संस्थान में काम कर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से उन पर कथित रूप से मानसिक दबाव बनाया जा रहा है। इस मामले में Prabal Pratap Singh Judev ने पीड़ित महिलाओं से मुलाकात कर इसे गंभीर बताते हुए राज्य सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सालों की सेवा के बाद शोषण के आरोप
पीड़ित महिलाओं—गायत्री मानिकपुरी और विनीता प्रकाश—ने बताया कि वे 30 वर्षों से अधिक समय से स्कूल में सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि पिछले दो वर्षों से स्कूल प्रबंधन से जुड़ी एक महिला, रूपिका लॉरेंस, उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रही हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि जो कर्मचारी इस कथित दबाव के आगे नहीं झुके, उनका पिछले चार महीनों से वेतन रोक दिया गया है, जबकि पिछले दो वर्षों से उनका पीएफ भी जमा नहीं किया गया है।
धर्मांतरण का सुनियोजित षड्यंत्र बेनकाब…
रायपुर स्थित आवास पर पीड़ित परिवारों ने भेंट कर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने रखा।
पत्र के माध्यम से उन्होंने बताया कि लगभग 40 वर्ष से विद्यालय में मेहनत से साफ-सफ़ाई का कार्य कर रहे हैं और मेहनत से कार्य करने के बावजूद कुछ… pic.twitter.com/KenmoRtwoD
— Prabal Pratap Singh Judev (@prabaljudevBJP) April 10, 2026
फंड के दुरुपयोग के भी आरोप
पीड़ितों और कुछ अन्य कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल के फंड का इस्तेमाल कथित तौर पर धार्मिक गतिविधियों और निजी कार्यों में किया जा रहा है। इसके अलावा, संस्थान में एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देने और कर्मचारियों की आस्था के साथ छेड़छाड़ करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं।
हालांकि, इन सभी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से भी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और कार्रवाई की मांग
बीजेपी नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि राजधानी में इस प्रकार की गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राज्य सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
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