राजस्थान के ब्यावर जिले के बिजयनगर में हुए रेप और ब्लैकमेल कांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना के विरोध में 23 फरवरी 2025 को अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा में व्यापक बंद और प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने सड़कों पर उतरकर आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की।
घटना का विवरण
15 फरवरी 2025 को बिजयनगर के एक निजी स्कूल की नाबालिग छात्राओं ने आरोप लगाया कि उनके साथ दुष्कर्म किया गया और अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। परिजनों का यह भी आरोप है कि लड़कियों को जबरन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा था।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 11 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 8 आरोपी और 3 नाबालिग शामिल हैं। 23 फरवरी को पूर्व पार्षद हकीम कुरैशी को भी गिरफ्तार किया गया, जो अन्य आरोपियों की सहायता कर रहा था। उसे 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया है। अन्य आरोपियों में श्रवण, करीम और आशिक को 7 दिन की रिमांड पर रखा गया है, जबकि लुकमान, सोहेल, रिहान और अफराज को 5 दिन की रिमांड मिली है। तीनों नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं।
राज्यपाल की प्रतिक्रिया
23 फरवरी 2025 को झुंझुनूं के नवलगढ़ में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। डूंडलोद गर्ल्स स्कूल में छात्राओं से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं का सख्त जवाब देना आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हिंदू समुदाय की बेटियों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया है।
जनाक्रोश और प्रदर्शन
इस घटना के विरोध में अजमेर, ब्यावर और भीलवाड़ा में व्यापक प्रदर्शन हुए। दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर नारेबाजी की गई। लोगों की मुख्य मांग है कि सरकार त्वरित और कठोर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को फांसी की सजा दिलाए।
यह घटना राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जनता और प्रशासन को मिलकर ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।