ब्रिटेन की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर एपस्टीन केस से जुड़ी विवादित फाइलों के कारण इस्तीफे का दबाव बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। हालांकि प्रधानमंत्री के आधिकारिक प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि स्टारमर अपने पद पर बने रहेंगे और फिलहाल इस्तीफा देने का कोई इरादा नहीं है। इसके बावजूद सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के अंदर संभावित नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एपस्टीन केस से जुड़े विवादों के बाद ब्रिटेन की राजनीति में अस्थिरता की अटकलें लगाई जा रही हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री के करीबी सहयोगी और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई है। मैकस्वीनी, जिन्हें 2024 की चुनावी जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था, ने बयान में कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति एक ‘गलत फैसला’ था और इससे पार्टी तथा देश को नुकसान हुआ। उन्होंने अपनी सलाह की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया।
लेबर पार्टी के भीतर यह चर्चा हो रही है कि अगर प्रधानमंत्री स्टारमर की स्थिति कमजोर होती है, तो पार्टी नेतृत्व कौन संभालेगा। संभावित नामों में गृह सचिव शबाना महमूद का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। अगर वह प्रधानमंत्री बनती हैं, तो यूनाइटेड किंगडम को पहली मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री मिल सकती है।
एपस्टीन केस में फंसे ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर पर इस्तीफे का दबाव बढ़ता जा रहा है. हालांकि, उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और इस्तीफा नहीं देंगे.
इस बीच सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में इस बात की अटकलें लगाई… pic.twitter.com/YYFTmsKgif
— One India News (@oneindianewscom) February 10, 2026
45 वर्षीय शबाना महमूद पेशे से वकील हैं और लेबर पार्टी की प्रभावशाली नेताओं में गिनी जाती हैं। उनका जन्म बर्मिंघम में हुआ था और उनके माता-पिता पाकिस्तान तथा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मीरपुर क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के लिंकन कॉलेज से कानून की पढ़ाई की और 2003 में बैरिस्टर के रूप में क्वालिफाई किया।
शबाना महमूद पहली बार 2010 में ब्रिटिश संसद के लिए चुनी गई थीं और लेबर पार्टी से जीतकर पहुंचने वाली शुरुआती मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल थीं। 2025 में लेबर सरकार बनने के बाद उन्हें सीमा नियंत्रण, इमिग्रेशन नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी दी गई।
गृह सचिव के रूप में शबाना महमूद ने माइग्रेशन मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्थायी निवास को ‘अधिकार नहीं बल्कि विशेषाधिकार’ बताया है। हालांकि पार्टी के भीतर उनकी कुछ नीतियों को लेकर मतभेद भी सामने आए हैं।
फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय ने किसी भी तरह के इस्तीफे से इनकार किया है, लेकिन राजनीतिक हलचल और संभावित नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं ने ब्रिटेन की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में लेबर पार्टी के भीतर की स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
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