अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा शुक्रवार को जेफरी एपस्टीन फाइलों से जुड़े लाखों नए दस्तावेज़, तस्वीरें और वीडियो जारी किए जाने के बाद अमेरिका में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील खुलासे ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नई मुश्किलों में डाल दिया है। जारी सामग्री में इज़रायल, उसकी खुफिया एजेंसी मोसाद और ट्रंप से जुड़े कई नए और विवादास्पद दावे सामने आए हैं।
न्याय विभाग के मुताबिक, इस रिलीज़ में करीब 3 मिलियन दस्तावेज़, 1.80 लाख तस्वीरें और 2,000 से ज्यादा वीडियो शामिल हैं। एपस्टीन फाइलों में यह दावा किया गया है कि इन कथित संबंधों के कारण ट्रंप इज़रायल के प्रभाव में हैं। हालांकि, इन दावों को अभी तक आधिकारिक तौर पर प्रमाणित नहीं माना गया है।
अमेरिका के उप अटॉर्नी जनरल और ट्रंप के पूर्व करीबी सहयोगी टॉड ब्लांच ने स्पष्ट किया कि व्हाइट हाउस की इन फाइलों की समीक्षा प्रक्रिया में कोई भूमिका नहीं रही। न्याय विभाग ने यह भी कहा कि कुछ दस्तावेज़ों में 79 वर्षीय ट्रंप के खिलाफ “गलत और सनसनीखेज आरोप” शामिल हैं, जो 2020 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले एफबीआई को सौंपे गए थे।

ब्लांच, जो पहले ट्रंप के निजी वकील रह चुके हैं, ने कहा कि राष्ट्रपति से जुड़ी किसी भी शर्मनाक या निजी सामग्री को सार्वजनिक करने से पहले रेडैक्ट किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हमने राष्ट्रपति ट्रंप का कोई बचाव नहीं किया।” उन्होंने बताया कि नाबालिगों की तस्करी के मामले में दोषी ठहराई गई घिस्लेन मैक्सवेल से जुड़ी तस्वीरों को छोड़कर बाकी महिलाओं और लड़कियों की सभी तस्वीरें गोपनीयता के तहत संपादित की गई हैं।
एपस्टीन फाइलों में ट्रंप के अलावा कई अन्य बड़े और प्रभावशाली नाम भी सामने आए हैं। इनमें माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स, फिल्म निर्माता वुडी एलेन, कई शिक्षाविद और राजनेता शामिल हैं। जारी दस्तावेज़ों में एक ड्राफ्ट ईमेल में दावा किया गया कि बिल गेट्स ने विवाहेतर संबंध बनाए थे, जिसे गेट्स फाउंडेशन ने सिरे से खारिज करते हुए “झूठा और पूरी तरह बेतुका” बताया है।
अन्य ईमेल्स में एपस्टीन ने हॉलीवुड निर्माता और न्यूयॉर्क जायंट्स फुटबॉल टीम के सह-मालिक स्टिव टिश को कई महिलाओं से जोड़े जाने का जिक्र किया है। एक ईमेल में एक महिला को “रूसी” बताया गया है, हालांकि इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि धनी अमेरिकी वित्तपति जेफरी एपस्टीन की 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मौत हो गई थी। उस समय वह नाबालिग लड़कियों की यौन तस्करी के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे थे। उनकी मौत को आधिकारिक रूप से आत्महत्या माना गया था। जांच के अनुसार, एपस्टीन कथित तौर पर दुनिया के अभिजात वर्ग के लिए यौन तस्करी का एक नेटवर्क चला रहा था, जिसमें उनकी पूर्व प्रेमिका घिस्लेन मैक्सवेल ने अहम भूमिका निभाई थी।
अब तक जारी सबसे अहम दस्तावेज़ों में जुलाई 2019 के एफबीआई के दो ईमेल शामिल हैं, जिनमें एपस्टीन के 10 कथित “सह-अपराधियों” का उल्लेख है। हालांकि, इन नामों को रेडैक्ट कर दिया गया है और अब तक केवल मैक्सवेल को ही दोषी ठहराया गया है।
ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर पर भी गंभीर आरोप
जनवरी 2026 में जारी नई फाइलों में एक एफबीआई रिपोर्ट का भी जिक्र है, जिसमें एक “विश्वसनीय” गोपनीय सूत्र के हवाले से ट्रंप के दामाद जैरेड कुशनर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कुशनर का ट्रंप संगठन और राष्ट्रपति पद के कामकाज पर जरूरत से ज्यादा प्रभाव था।
रिपोर्ट में कुशनर परिवार पर भ्रष्टाचार, रूसी पैसों के लेन-देन और कट्टर यहूदी चबाड नेटवर्क से कथित संबंधों के आरोप भी लगाए गए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि ट्रंप पर इज़रायल के प्रभाव या ब्लैकमेल का शक जताया गया है और एपस्टीन के जरिए मोसाद से संपर्क के संकेत दिए गए हैं।
रिपोर्ट में एपस्टीन के वकील एलन डर्शोविट्ज़ का भी उल्लेख है, जिन पर मोसाद से जुड़े होने के आरोप लगाए गए हैं। कुशनर के पिता चार्ल्स कुशनर के पुराने वित्तीय अपराधों का भी जिक्र किया गया है, जिन्हें बाद में ट्रंप ने क्षमा कर दिया था।
हालांकि, इन सभी आरोपों को गोपनीय स्रोतों पर आधारित और अप्रमाणित माना जा रहा है। इसके बावजूद, एपस्टीन फाइलों के इस नए खुलासे ने अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में इसके राजनीतिक असर और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
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